रांची जिले में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने शनिवार को सभी स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। 26 सितंबर को जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ाई नहीं होगी। जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार यह निर्णय सभी सरकारी स्कूलों पर लागू होगा। सहायता प्राप्त गैर-सरकारी विद्यालय भी इसके दायरे में रहेंगे। अल्पसंख्यक विद्यालयों पर भी आदेश प्रभावी होगा। जिले के सभी निजी स्कूलों को भी बंद रखने का निर्देश दिया गया है। केजी से लेकर 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूल नहीं जाना होगा। प्रशासन ने यह फैसला मौसम की संभावित स्थिति को देखते हुए लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग और मौसम विज्ञान केंद्र, झारखंड, रांची ने भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम संबंधी विशेष बुलेटिन में रांची जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसी चेतावनी के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है। अधिकारियों ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल बंद करने का निर्णय लिया है। एक दिन के लिए शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित रहेंगी। प्रशासन ने सभी संबंधित विद्यालयों को आदेश का पालन करने को कहा है।
स्कूल बंद रहने के बावजूद सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को ड्यूटी से छूट नहीं मिलेगी। शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों को अपनी उपस्थिति ई-विद्यावाहिनी में दर्ज करनी होगी। उन्हें निर्धारित गैर-शैक्षणिक कार्य भी पूरे करने होंगे। प्रशासन ने इस संबंध में विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए हैं। यदि किसी स्कूल में शनिवार को पहले से कोई अनिवार्य परीक्षा निर्धारित है, तो उसके आयोजन का निर्णय प्रधानाध्यापक अपने स्तर से ले सकेंगे। ऐसे मामलों में स्कूल प्रबंधन को स्थानीय परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना होगा। जिला प्रशासन ने आदेश का उल्लंघन करने वाले संस्थानों को कार्रवाई की चेतावनी दी है। नियम नहीं मानने वाले स्कूलों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है। प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए सभी से सतर्क रहने की अपील की है। अभिभावकों से भी बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा गया है। भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। शनिवार को विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद रहेंगे। वहीं सरकारी स्कूलों के शिक्षक और कर्मचारी अपने प्रशासनिक दायित्व निभाएंगे। प्रशासन मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। मौसम में बदलाव होने पर आगे आवश्यक निर्णय लिया जा सकता है।



