रामगढ़ बस स्टैंड के पास पुलिस ने छापेमारी कर नशीली दवाओं के अवैध कारोबार का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके तीन साथी मौके से भागने में सफल रहे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के पास से पेंटाजोसीन इंजेक्शन के 1085 एम्पुल बरामद किए हैं। यह कार्रवाई एसपी मुकेश कुमार लुनायत को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिली थी कि चार युवक बस स्टैंड के पास नशीली दवाओं की खरीद-बिक्री के लिए पहुंचे हैं। इसके बाद डीएसपी मुख्यालय मो. अकरम रजा के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। टीम ने सूचना के आधार पर बस स्टैंड के पास छापेमारी की। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद युवक भागने लगे। इसी दौरान पुलिस ने कार्टन लेकर भाग रहे एक युवक को खदेड़कर पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान आकाश कुमार के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बिहारशरीफ, बिहार का निवासी है। वर्तमान में वह ब्लॉक चौक नायक टोला में किराए के मकान में रह रहा था। उसके तीन अन्य साथी पुलिस की पकड़ से बाहर निकल गए। पुलिस ने मौके से मिले कार्टन की तलाशी लेकर उसमें रखे इंजेक्शन बरामद किए।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आकाश ने अपने साथियों के साथ कारोबार करने की बात स्वीकार की है। उसने बताया कि वे गयाजी से नशीले इंजेक्शन मंगाते थे। इसके बाद इन इंजेक्शनों को रामगढ़ के अलग-अलग इलाकों में बेचा जाता था। बरामद कार्टन से पेंटाजोसीन के कुल 1085 एम्पुल मिले। पुलिस ने आरोपी के पास से दो की-पैड मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। बरामद दवाओं की औषधि निरीक्षक से जांच कराई गई। जांच में दवाओं को प्रतिबंधित श्रेणी का पाया गया। इन्हें नारकोटिक एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस श्रेणी में भी रखा गया है। पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस अब फरार तीनों आरोपियों की तलाश कर रही है। जांच टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि नशीली दवाओं की आपूर्ति कहां से होती थी। पुलिस आरोपियों के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी जुटा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी। पुलिस का कहना है कि अवैध नशीली दवाओं के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।



