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पप्पू यादव को धमकी मामले में बड़ा खुलासा, पार्टी कार्यकर्ता ने रची साजिश.
पूर्णिया: स्वतंत्र सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को दी गई धमकी के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
जांच में पता चला कि धमकी के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नहीं, बल्कि जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ता का हाथ है।
मुख्य बिंदु:
- गिरफ्तारी:
- मंगलवार को भोजपुर के आरा से गिरफ्तार रामबाबू यादव ने पुलिस को बताया कि यह साजिश पप्पू यादव के प्रवक्ता राजेश यादव के इशारे पर रची गई थी।
- साजिश की जगह:
- रामबाबू ने बताया कि यह षड्यंत्र पटना के इको पार्क में रचा गया। धमकी भरे वीडियो वहीं से बनाए गए।
- धमकी की योजना:
- पहला वीडियो वायरल कर दिया गया था और दूसरा कुछ दिनों बाद अपलोड होना था।
- धमकी देने का मकसद:
- आरोपी ने कबूल किया कि उसे पार्टी में ऊंचा पद और पैसे का लालच देकर धमकी देने के लिए उकसाया गया।
- पहला वीडियो:
- 1 दिसंबर को धमकी भरा पहला वीडियो जारी करने के बाद, पप्पू यादव ने उसे फोन कर बात की। इसके बाद वह डरकर छुप गया।
- पुलिस का बयान:
- पूर्णिया एसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि रामबाबू किसी गैंग से नहीं जुड़ा है। वह पैसे और लोकप्रियता के लालच में ऐसा कर रहा था।
- राजेश यादव का नाम:
- पूछताछ में राजेश यादव का नाम सामने आया। हालांकि, राजेश यादव ने इन आरोपों को खारिज किया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
- पप्पू यादव का आरोप:
- सांसद ने प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की।
- एफआईआर दर्ज:
- सहायक खजांची थाना में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
- कानूनी कार्रवाई:
- पप्पू यादव ने कोर्ट जाने की बात कही है।
कौन हैं राजेश यादव?
राजेश यादव लंबे समय से पप्पू यादव के सहयोगी हैं और सोशल मीडिया पर उन्हें उनका प्रमुख सचिव और मीडिया प्रभारी बताया जाता है।



