झारखंड सरकार ने राज्य को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्यव्यापी जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रचार-प्रसार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन राज्य के विभिन्न जिलों में जागरूकता फैलाएंगे। अभियान का उद्देश्य नशीले और मादक पदार्थों के सेवन के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाना है। सरकार युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने लोगों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। राज्य सरकार लगातार नशे के खिलाफ अभियान चला रही है। जनसहयोग से ही इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है। इससे व्यक्ति का शारीरिक और मानसिक संतुलन प्रभावित होता है। नशे की लत आर्थिक स्थिति को भी कमजोर करती है। उन्होंने कहा कि इसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है। समाज में भी इसके कारण कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर वर्ग तक सही संदेश पहुंचना जरूरी है। युवाओं को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। समाज के सभी वर्गों को इस मुहिम से जुड़ना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार कानून व्यवस्था को मजबूत बनाकर इस पर अंकुश लगा रही है। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने की अपील की। साथ ही अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने को कहा। अभियान के माध्यम से गांव-गांव और शहर-शहर तक संदेश पहुंचाया जाएगा। इसका उद्देश्य स्वस्थ और सुरक्षित समाज का निर्माण करना है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने नशा मुक्त झारखंड के संकल्प को दोहराया। जागरूकता अभियान को जनआंदोलन बनाने पर जोर दिया गया। राज्य सरकार का लक्ष्य युवाओं को बेहतर और सुरक्षित भविष्य देना है।



