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स्वास्थ्य नवाचारों को नई दिशा दे रहा झारखंड का विकास मॉडल.

डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स पहल से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बल.

यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों और नवाचारों के परीक्षण तथा विस्तार को बढ़ावा देगी। भारतीय विकास ट्रस्ट और पीएचआईए फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में नवाचार के लिए व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकसित तकनीकें लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। विशेष रूप से ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने सभी साझेदार संस्थाओं को इस प्रयास के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने तकनीक आधारित समाधान को भविष्य की आवश्यकता बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीकों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था तकनीक आधारित होगी। कार्यक्रम में प्रदर्शित कई नवाचारों की उन्होंने सराहना की। उन्होंने स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने आईआईटी धनबाद के पूर्व छात्रों द्वारा विकसित पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन का अवलोकन भी किया। यह मशीन बिना फिल्म के आधुनिक जांच सुविधा उपलब्ध कराती है। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाएंगे। सरकार नई तकनीकों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहन देने की बात कही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. Irfan Ansari ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से सुधार हो रहा है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को सरकार की उपलब्धि बताया। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही 745 अबुआ मेडिकल स्टोर खोलने की योजना की जानकारी दी। कार्यक्रम में स्वास्थ्य नवाचारों पर दो महत्वपूर्ण पैनल चर्चाएं भी आयोजित की गईं। विशेषज्ञों ने मेडटेक समाधानों के विकास और उपयोग पर विचार साझा किए। पीएचआईए फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक जॉनसन टोपनो ने इस पहल को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इससे नई तकनीकों के परीक्षण और विस्तार को गति मिलेगी। कार्यक्रम ने झारखंड को स्वास्थ्य नवाचारों के केंद्र के रूप में नई पहचान देने की दिशा में मजबूत संदेश दिया।

 

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