सिमडेगा जिले की महिलाओं और किसानों ने एक नई उपलब्धि हासिल कर राज्य का गौरव बढ़ाया है। बिरसा हरित ग्राम बागवानी योजना के तहत उत्पादित आम्रपाली आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में उपायुक्त सिमडेगा श्रीमती कंचन सिंह ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जिले की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। बताया गया कि आम्रपाली आम की पहली व्यावसायिक निर्यात खेप यूनाइटेड किंगडम के लंदन के लिए रवाना की गई है। यह सफलता जिले के किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए गर्व का विषय बनी है। JSLPS के महिला जागृति एवं बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की अगुवाई में यह पहल सफल हुई है। महिला समूहों ने गुणवत्तापूर्ण आम उत्पादन कर वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाई है। इससे स्थानीय किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने की उम्मीद बढ़ी है। जिले में बागवानी गतिविधियों को भी नई दिशा मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। इस उपलब्धि से महिला सशक्तिकरण को भी नया बल मिला है।
मुख्यमंत्री के समक्ष महिला समूह की प्रतिनिधियों ने सिमडेगा के आम्रपाली आम भेंट किए। इस अवसर पर विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं। उपायुक्त ने बताया कि महिला समूहों की मेहनत और संगठित प्रयासों का यह सकारात्मक परिणाम है। किसानों ने आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया है। निर्यात की इस पहल से जिले के कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है। इससे अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिलेगी। महिला संचालित एफपीओ की भूमिका इस सफलता में महत्वपूर्ण रही है। समूहों ने उत्पादन से लेकर विपणन तक की प्रक्रिया में सक्रिय योगदान दिया। आम की गुणवत्ता और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दिया गया। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयारी कर यह निर्यात संभव हो पाया। ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है। कृषि आधारित उद्यमिता को भी इससे बढ़ावा मिलेगा। सिमडेगा जिले की यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक बन गई है।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने जिला प्रशासन और महिला समूहों की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी सरकार के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। राज्य के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में काम जारी रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में झारखंड के अन्य कृषि उत्पाद भी वैश्विक बाजार तक पहुंचेंगे। इस उपलब्धि से राज्य की सकारात्मक पहचान मजबूत होगी। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार कई योजनाओं पर कार्य कर रही है। महिला स्वयं सहायता समूहों को भी लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। सिमडेगा की यह सफलता ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है। इससे राज्य के कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा और नई संभावनाएं प्राप्त होंगी।



