झारखंड में श्रमिक कल्याण योजनाओं को मिलेगी नई गति जल्द.
मुख्यमंत्री ने रोजगार, कौशल विकास और श्रमिक सुरक्षा पर बल.
रांची में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग की कार्य प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने असंगठित, निर्माण और प्रवासी श्रमिकों का अद्यतन डाटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से तीन माह के भीतर सभी श्रमिकों की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करने को कहा। उन्होंने श्रमिकों को जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने श्रमिकों के लिए हेल्पलाइन सेंटर स्थापित करने का निर्देश दिया। बैठक में श्रमिक सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के लिए बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने प्रवासी श्रमिकों की सुविधा के लिए सहायता केंद्र स्थापित करने की योजना की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि कई प्रमुख शहरों में प्रवासी सहायता केंद्र खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री ने श्रमिक निबंधन अभियान को तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की ट्रैकिंग और सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को सेफ्टी किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों का पालन कराने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के लिए ड्रेस कोड लागू करने का सुझाव दिया। उन्होंने पलायन रोकने के लिए बेहतर कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने श्रमिक चौक और सुविधा केंद्र विकसित करने की योजना को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई नीतियां बनाने पर जोर दिया।
बैठक में आईटीआई और कौशल विकास संस्थानों को आधुनिक बनाने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में एक मॉडल आईटीआई विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने हाई वैल्यू कृषि कोर्स शुरू करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के लिए प्लेसमेंट व्यवस्था मजबूत करने को कहा। उन्होंने उद्योगों की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने बड़ी कंपनियों के विशेषज्ञों को प्रशिक्षण से जोड़ने की बात कही। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सफल प्रशिक्षित युवाओं से भी संवाद किया गया। युवाओं ने अपने रोजगार अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को श्रमिक आधारित नहीं बल्कि आत्मनिर्भर राज्य के रूप में पहचान दिलाना लक्ष्य है। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।



