एक्स्ट्रीम बार के डीजे संचालक संदीप प्रमाणिक हत्याकांड मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। रांची की अपर न्यायायुक्त शैलेन्द्र कुमार की अदालत ने इस मामले में दस दोषियों को सजा सुनाई। सभी दोषियों को नौ-नौ वर्ष के कारावास की सजा दी गई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इससे पहले बीते सोमवार को अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत उन्हें दोषी माना। फैसले के बाद न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। इस मामले पर लंबे समय से सुनवाई चल रही थी। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अपना निर्णय सुनाया। फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया।
अदालत से सजा पाने वालों में अभिषेक सिंह उर्फ विक्की का नाम प्रमुख है। इसके अलावा अशोक कुमार सिंह को भी सजा सुनाई गई। मोहम्मद शामिरूदीन को भी दोषी मानते हुए कारावास दिया गया। प्रतीक को भी समान अवधि की सजा मिली। मृत्युंजय कुमार को भी नौ वर्ष की सजा सुनाई गई। प्रकाश कुमार को भी अदालत ने दोषी ठहराया। दिवाकर उपाध्याय को भी सजा का आदेश दिया गया। आलोक दीवा को भी न्यायालय ने दोषी माना। पंकज कुमार और सुमित कुमार को भी समान सजा सुनाई गई। सभी दोषियों पर समान राशि का जुर्माना भी लगाया गया।
अदालत के इस फैसले को मामले में महत्वपूर्ण कानूनी पड़ाव माना जा रहा है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध थे। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण गवाह और दस्तावेज प्रस्तुत किए। इन्हीं तथ्यों के आधार पर अदालत ने दोष सिद्ध माना। सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया। इस फैसले से पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है। कानूनी विशेषज्ञों ने भी फैसले को महत्वपूर्ण बताया है। मामले की सुनवाई काफी समय से न्यायालय में चल रही थी। अब इस फैसले के बाद कानूनी प्रक्रिया का अगला चरण निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ेगा। अदालत के इस निर्णय ने एक चर्चित आपराधिक मामले में न्यायिक प्रक्रिया को महत्वपूर्ण मुकाम तक पहुंचा दिया।



