इस मामले में पूर्व उपमुखिया संजय बोयपाई की हत्या की गुत्थी सुलझा ली गई है। पुलिस ने साजिशकर्ता समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त देशी कट्टा भी बरामद हुआ है। इसके अलावा जिंदा कारतूस, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। मामले की जानकारी चाईबासा में आयोजित प्रेस वार्ता में दी गई। एसडीपीओ बहाम टुटी और थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने पूरी घटना का खुलासा किया। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे पुराना जमीन विवाद मुख्य कारण था। मृतक संजय बोयपाई और बीजू चौधरी के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही थी। इसी विवाद ने आखिरकार खूनी रूप ले लिया। पुलिस ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगातार जांच की।
पुलिस के अनुसार बीजू चौधरी ने अन्य लोगों को सुपारी देकर हत्या की साजिश रची थी। एक जून की रात संजय बोयपाई अपने घर के आंगन में सो रहे थे। इसी दौरान अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल का गठन किया गया। एसआईटी ने तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र का सहारा लिया। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके आधार पर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी अभियान चलाया गया। पुलिस ने सुरेश सोय, कप्तान होनहांगा उर्फ टाटा, गुने हिन्दू अंगरिया उर्फ मोटा, बुधू बोदरा और बीजू चौधरी को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में उन्होंने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद किया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली। बरामद सामग्री को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों ने कहा कि मामले में आगे भी जांच जारी रहेगी। पुलिस पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित कड़ियों की पड़ताल कर रही है। इस कार्रवाई से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। पुलिस ने दावा किया है कि अपराधियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी। छापेमारी अभियान में कई पुलिस अधिकारियों और जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मामले के खुलासे को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। संजय बोयपाई हत्याकांड के खुलासे से क्षेत्र में न्याय की उम्मीद मजबूत हुई है।



