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अजय महतो गिरफ्तारी बाद पत्नी के सरेंडर की चर्चा.

आधिकारिक पुष्टि बाकी, सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर.

रांची से नक्सल विरोधी अभियान के बीच एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ रही है। 25 लाख रुपये के इनामी माओवादी अजय महतो उर्फ टाइगर उर्फ बासुदेव की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी बबीता के आत्मसमर्पण करने की खबर चर्चा में है। हालांकि इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सुरक्षा एजेंसियां मामले की जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं। सूत्रों के अनुसार अजय महतो की गिरफ्तारी के बाद यह घटनाक्रम सामने आया है। बताया जा रहा है कि बबीता लंबे समय से माओवादी संगठन से जुड़ी रही है। सुरक्षा एजेंसियां उसके बारे में उपलब्ध सूचनाओं का सत्यापन कर रही हैं। फिलहाल आधिकारिक स्तर पर कोई बयान जारी नहीं हुआ है। इस कारण पूरे मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इस खबर को लेकर चर्चा तेज है।

सूत्रों के मुताबिक पति की गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद बबीता ने संगठन में सक्रिय रहने के बजाय आत्मसमर्पण का रास्ता चुनने का निर्णय लिया। बताया जाता है कि वह कई वर्षों से संगठन से जुड़ी हुई थी। उसके खिलाफ गिरिडीह, बोकारो और पश्चिमी सिंहभूम समेत विभिन्न जिलों में मामले दर्ज बताए जाते हैं। जांच एजेंसियां उसके पुराने रिकॉर्ड और गतिविधियों की जानकारी एकत्र कर रही हैं। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि यदि आत्मसमर्पण की पुष्टि होती है तो यह नक्सल विरोधी अभियान के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम होगा। विभिन्न स्तरों पर प्राप्त सूचनाओं का मिलान किया जा रहा है। एजेंसियां पूरे मामले को सावधानी से देख रही हैं। संगठन के अन्य सदस्यों पर भी इसका प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल सभी की नजर आधिकारिक घोषणा पर बनी हुई है। मामले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी सतर्क रखी गई है।

गौरतलब है कि झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने हाल ही में कार्रवाई कर अजय महतो को गिरफ्तार किया था। वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की वांटेड सूची में शामिल था। पारसनाथ और सारंडा क्षेत्र में उसकी सक्रिय भूमिका बताई जाती रही है। गिरफ्तारी के बाद उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस और सीआरपीएफ की टीम उससे संगठन के नेटवर्क और गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है। नक्सल विरोधी अभियान को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। अजय महतो की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब बबीता के कथित आत्मसमर्पण की खबर ने पूरे घटनाक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया है। आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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