सोमवार को एक और घायल की मौत हो गई। मुख्य बिंदु: मौत और घायल: हिंसा में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में नईम, बिलाल और नौमान शामिल हैं। पुलिसकर्मी घायल: 15-20 पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें से एक कांस्टेबल को सिर में गंभीर चोट आई और एक डिप्टी कलेक्टर का पैर टूट गया। धारा 144 लागू: जिला प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है और बाहरी लोगों के प्रवेश पर 30 नवंबर तक प्रतिबंध लगा दिया गया है। इंटरनेट सेवा बंद: क्षेत्र में इंटरनेट सेवा 24 घंटे के लिए बंद कर दी गई है। स्कूल बंद: सोमवार को सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई। हिंसा का कारण: विवादित स्थल पर सर्वे को लेकर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव और गोलीबारी की। पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल कर भीड़ को काबू में किया। गिरफ्तारी: अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 2 महिलाएं भी शामिल हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून: हिंसा में शामिल लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया जाएगा। कोर्ट का आदेश: कोर्ट ने विवादित स्थल का सर्वे करने के लिए ‘एडवोकेट कमीशन’ नियुक्त किया है। पृष्ठभूमि: विवादित स्थल पर पहले एक हरिहर मंदिर होने का दावा किया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया कि यह मंदिर 1529 में बाबर द्वारा तोड़ा गया था। सुप्रीम कोर्ट के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि सर्वे आवश्यक है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को स्थल का नियंत्रण लेना चाहिए। प्रशासन का कदम: प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। अनिश्चित स्थिति को देखते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।


