इस ऐतिहासिक अवसर पर विदेश मंत्री एस जयशंकर, बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नालंदा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अरविंद पानगढिया सहित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास को याद किया और कहा कि यह “सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक पहचान और सम्मान” है. उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय का बंद होना भारत के लिए एक काला अध्याय था, लेकिन अब इसका पुनरुद्धार देश के स्वर्णिम युग की शुरुआत का प्रतीक है.
नई सुविधा का उद्घाटन करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में नालंदा विश्वविद्यालय की विरासत को फिर से जीवंत करेगा. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह विश्वविद्यालय दुनिया भर के छात्रों को आकर्षित करेगा और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देगा.
उम्मीद है कि नया परिसर नालंदा विश्वविद्यालय को शिक्षा और अनुसंधान के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा. यह भारत की समृद्ध शिक्षा परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा और एशिया में एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान के रूप में अपना गौरवशाली स्थान पुनः प्राप्त करेगा.



