झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर हलचल तेज होती जा रही है। इस महीने चुनाव की घोषणा संभावित है। चुनाव भले ही गैर-दलीय हों। लेकिन राजनीतिक दल पूरी तरह सक्रिय हैं। मेयर पद को लेकर लॉबिंग शुरू हो चुकी है। संभावित उम्मीदवारों से संपर्क साधा जा रहा है। फीडबैक और सर्वे के जरिए स्थिति टटोली जा रही है। जीत के लिए रणनीति तैयार की जा रही है। शहरी राजनीति में नई ऊर्जा दिख रही है। सभी की नजर अधिसूचना पर टिकी है।
रांची नगर निगम में मेयर पद आरक्षित है। आदिवासी वर्ग से कई दावेदार उभर रहे हैं। रामकुमार पाहन और बिरु तिर्की का नाम चर्चा में है। रमा खलखो और पिंकी खोया भी सक्रिय हैं। मानगो में महिला आरक्षण के कारण समीकरण बदले हैं। यहां कई सामाजिक कार्यकर्ता मैदान में आ सकते हैं। मेदिनीनगर में महिला अनारक्षित सीट पर चर्चा है। अरुणा शंकर और नम्रता त्रिपाठी के नाम सामने आए हैं। धनबाद और चास में सामान्य सीटों को लेकर रणनीति बन रही है। हर शहर में अलग माहौल है।
हजारीबाग में आरक्षण के चलते मुकाबला रोचक हो गया है। भाजपा और झामुमो दोनों अपने-अपने पत्ते खोल रहे हैं। नगर निगम के साथ नगर परिषदों में भी चुनाव होंगे। गढ़वा, चाईबासा और दुमका जैसे शहर शामिल हैं। नगर पंचायत स्तर पर भी चुनाव प्रस्तावित हैं। छोटे शहरों में भी राजनीतिक सरगर्मी है। स्थानीय नेतृत्व को तराशने की कोशिश हो रही है। चुनाव शहरी राजनीति की दिशा तय करेगा। प्रत्याशियों का चयन निर्णायक साबित होगा। फिलहाल राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।



