देवघर : झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई देखने को मिली है। Anti Corruption Bureau Jharkhand की टीम ने देवघर में छापा मारा। दुमका एसीबी इकाई ने यह कार्रवाई की। जिला भू-अर्जन कार्यालय में जांच की गई। जांच के दौरान रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने पहले शिकायत का सत्यापन किया। आरोप सही मिलने पर जाल बिछाया गया। इसके बाद आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा गया। गिरफ्तार व्यक्ति प्रधान लिपिक का सहयोगी है। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया।
जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद योजना बनाकर कार्रवाई की गई। सहयोगी उमेश प्रसाद यादव को पैसे लेने भेजा गया। उसने आवेदक से दस हजार रुपये लिए। उसी समय एसीबी टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने सरकारी आवास की तलाशी ली। तलाशी में बड़ी नकदी बरामद हुई। घर से तीन लाख उन्नीस हजार आठ सौ रुपये मिले। बरामद राशि को जब्त कर लिया गया है। अधिकारियों ने कई जरूरी दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं। मामले की विस्तृत जांच चल रही है। एसीबी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश दिया है। अधिकारियों ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। जांच पूरी होने के बाद कानूनी कार्रवाई होगी। इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है।



