देवघर में पब्लिक ट्रस्ट की जमीन की बिक्री पर सवाल खड़े हो गए हैं। हाईकोर्ट ने इसे गंभीर प्रशासनिक विफलता बताया। अदालत ने माना कि नियमों के बावजूद जमीन बेची जा रही है। इससे ट्रस्ट की मूल भावना को ठेस पहुंच रही है।
कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। पूछा गया है कि शिकायत की प्रक्रिया स्पष्ट क्यों नहीं है। यह सवाल सीधे शासन व्यवस्था पर है। कोर्ट ने इसे इलेक्ट्रॉनिक और आधुनिक युग में भी लापरवाही माना।
जनहित याचिका में बड़े ट्रस्टों का नाम सामने आया है। अदालत ने पूरे मामले की निगरानी करने का संकेत दिया है। अगली सुनवाई में सरकार की भूमिका अहम होगी। यह फैसला आगे की दिशा तय करेगा।


