असद-गुलाम एनकाउंटर की जांच में ट्विस्ट, फिर से झांसी क्यों पहुंच रही जांच टीम?
प्रयागराज के बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी असद और गुलाम की झांसी में पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत मामले की जांच के लिए गठित दो सदस्यीय न्यायिक आयोग का दल एक बार फिर से झांसी पहुंचेगा। न्यायिक आयोग का जांच दल 17 और 18 अगस्त को झांसी पहुंचेगा। जांच आयोग दल के झांसी दौरे के बारे में लोगों को जानकारी देने के मकसद से पुलिस सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चिपका रही है।इस एनकाउंटर की घटना के बारे में जो भी व्यक्ति कोई साक्ष्य या बयान जांच आयोग के सामने प्रस्तुत करना चाहता है, वह जांच आयोग के सदस्यों के झांसी दौरे के दिन दर्ज करा सकता है। झांसी पुलिस के जवान शहर में जगह-जगह पोस्टर लगा रहे हैं। झांसी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी गेट, बस स्टैंड, कचहरी समेत अन्य स्थानों पर पोस्टर लगाए गए हैं।
झांसी के बड़ागांव थानाक्षेत्र में पारीछा के पास असद खान और गुलाम की 13 अप्रैल 2023 को यूपी एसटीएफ के साथ एनकाउंटर में मौत हो गई थी। एनकाउंटर की घटना को लेकर उठे तमाम सवालों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की थी। दो सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग एनकाउंटर के इस मामले की जांच कर रही है।
जांच आयोग के सदस्य इस मामले में झांसी स्थित घटनास्थल का इससे पहले दौरा कर चुके हैं। इस दौरान स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अफसरों के अलावा एसटीएफ के अफसरों से भी कई बिंदुओं पर जानकारी ली गई थी। हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज राजीव लोचन मेहरोत्रा और रिटायर्ड डीजी विजय कुमार गुप्ता इस न्यायिक जांच आयोग के सदस्य हैं।झांसी के एसएसपी राजेश एस ने बताया कि झांसी जनपद में अप्रैल महीने में बड़ागांव क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में दो लोगों की मृत्यु हुयी थी। इस संबंध में शासन ने दो सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित किया है। इस सम्बन्ध में स्वतंत्र साक्ष्यों के बयान दर्ज करने के लिए टीम 17 और 18 को न्यायिक जांच आयोग के सदस्यगण झांसी में रहेंगे। ये सदस्यगण इन दो दिनों में झांसी के सर्किट हाउस में मौजूद रहेंगे और वहां पर आयोग के समक्ष बयान दर्ज कराए जा सकते हैं।




