मेरी बीवी मुझे दोस्तों से मिलने नहीं देती, वजह पूछने पर कुछ बताती भी नहीं; मैं क्या करूं
शादी के बाद दोस्त और पार्टनर को एक साथ लेकर चलना बिल्कुल भी आसान नहीं होता है। खासतौर पर तब जब आपके सबसे अच्छे या ज्यादा दोस्त अपोजिट जेंडर के लोग हो। क्योंकि ऐसे में ज्यादातर लोगों को अपने पार्टनर को खोने का डर होता है। जाहिर है कि दोस्तों के साथ आप ज्यादा लंबे समय से होते हैं, वह आपके कई सारी ऐसी बातों को भी जानते हैं, जो एक पति या पत्नी सालों साथ रहने के बाद भी नहीं जान पाते हैं। हालांकि जीवन में दोस्त और जीवनसाथी दोनों का अपना अलग और विशेष स्थान होता है। पर फिर भी दोनों में फिर भी अक्सर टकराव होते रहते हैं।
ऐसी स्थिति कभी-कभी रिश्ते में तनाव भी पैदा कर देती है, क्योंकि कुछ समय पहले मिले किसी इंसान के कहने पर बरसों पुराने दोस्तों को छोड़ना आसान नहीं होता है। लेकिन जीवनसाथी की इनसिक्योरिटी को नजरअंदाज करना भी गलत होता है। ऐसी ही एक रियल लाइफ स्टोरी आज हम आपको यहां बताने जा रहे हैं, जहां कपल दोस्तों के कारण कमजोर पड़ते अपने रिश्ते को बचाने के लिए रिलेशनशिप एक्सपर्ट से राय मांग रहे हैं।
मेरी बीवी मुझे दोस्तों से नहीं मिलने देती
मेरी पत्नी बहुत पजेसिव है। शादी के कई साल बीत जाने के बाद और दो बच्चों के होने जाने के बाद भी वह मुझ पर भरोसा नहीं करती है। वह हमेशा से ऐसी नहीं थी। लेकिन जब से मुझे प्रमोशन मिला है, वह जरूरत से ज्यादा मुझ पर अपना अधिकार जमाने लगी है।
वह मुझे अपने कलिग या दोस्तों के साथ कोई प्लान नहीं बनाने देती है। मेरे ग्रुप में एक फीमेल भी है, जो मेरी बचपन की दोस्त है लेकिन उससे भी मेरी पत्नी मुझे मिलने नहीं देती है। जब भी मैं उससे मिलने का प्लान अपनी पत्नी को बताता हूं तो वह मुझ पर चिल्लाने लगती है और गुस्सा हो जाती है। मुझे उसका यह व्यवहार कुछ समझ नहीं आता है, क्योंकि जब भी इसके पीछे के कारण के बारे में उससे पूछता हूं तो उसके पास को जवाब नहीं होता है। हमेशा पत्नी से इस मुद्दे पर लड़ाई मुझे बहुत अपमानजनक लगती है।




