
इस हमले में अमरजीत की पत्नी और तीन साल की बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अमरजीत घायल अवस्था में वहां से भाग निकला। इस दर्दनाक घटना के समय अमरजीत का पांच साल का बेटा अपनी मां और बहन की लाशों के साथ रातभर लिपटकर रोता रहा। यह घटना सोमवार देर शाम की है और पुलिस मंगलवार की सुबह घटनास्थल पर पहुंची।
घटना के विवरण के अनुसार, सोमवार रात को अमरजीत लकड़ा अपनी पत्नी नेहा नीति कुजूर और दो बच्चों, पांच वर्षीय अनुज कुजूर और तीन वर्षीय अनन्या कुजूर, के साथ बाइक पर लौट रहा था। तभी जनावल कंचन मोड़ के पास बैठे थे जेजेएमपी के उग्रवादियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में अमरजीत की पत्नी नेहा और बेटी अनन्या की तुरंत मौत हो गई, जबकि अमरजीत गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बावजूद वह अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। घटना की सूचना मिलने के बाद डीएसपी सिरिल मरांडी, पुलिस इंस्पेक्टर बैजू उरांव, चैनपुर थाना प्रभारी कृष्णा गुप्ता और डुमरी थाना प्रभारी मनीष कुमार की मौजूदगी में सशस्त्र पुलिस दल मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गया।
इस हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव में शोक की लहर फैला दी है। पुलिस अब उग्रवादियों की खोज में जुटी है। घटना के बाद, परिवार और गांववाले गहरे सदमे में हैं।



