जमशेदजी टाटा की 186वीं जयंती: टाटा संस चेयरमैन ने दी श्रद्धांजलि.
मुंबई: भारत के महान उद्योगपति और टाटा स्टील के संस्थापक जमशेदजी नुसरवांजी टाटा की 186वीं जयंती सोमवार को मनाई जा रही है।
इस अवसर पर टाटा संस के चेयरमैन समेत कई प्रमुख हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्य बिंदु:
वे भारतीय औद्योगिक क्रांति के जनक माने जाते हैं।
उन्होंने टाटा समूह की स्थापना की, जो आज भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है।
टाटा स्टील, टाटा पावर और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस की नींव रखने में अहम भूमिका निभाई।
वे भारत में विज्ञान, उद्योग और शिक्षा को बढ़ावा देने के पक्षधर थे।
टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट को उन्होंने भारत का औद्योगिक हब बनाने का सपना देखा।
उनकी विरासत आज भी टाटा समूह के रूप में मजबूती से कायम है।
टाटा संस के चेयरमैन ने ट्वीट कर उन्हें प्रेरणादायक व्यक्तित्व बताया।
हर साल उनकी जयंती पर टाटा समूह विभिन्न सामाजिक और औद्योगिक पहल करता है।
जमशेदजी टाटा को भारत का “फादर ऑफ इंडियन इंडस्ट्री” भी कहा जाता है।
उन्होंने उद्योगों को सिर्फ लाभ के लिए नहीं, बल्कि समाज की भलाई के लिए चलाने पर जोर दिया।
उनके विचारों से प्रेरित होकर टाटा समूह ने कई वैश्विक कंपनियों का अधिग्रहण किया।
भारत सरकार ने भी उनके योगदान को सराहा और उन्हें सम्मानित किया।
टाटा समूह आज भी उनके सिद्धांतों पर चलकर नवाचार और सतत विकास को प्राथमिकता देता है।
टाटा परिवार ने उनकी जयंती पर कई CSR पहल की शुरुआत की।
उनकी सोच और विजन के कारण भारत को वैश्विक उद्योग जगत में पहचान मिली।
उनकी जयंती को विशेष रूप से टाटा कर्मचारियों और उद्योगपतियों द्वारा मनाया जाता है।
उन्होंने भारतीय युवाओं को तकनीकी और उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया।
आज भी जमशेदपुर को “टाटा नगर” के नाम से जाना जाता है, जो उनके योगदान को दर्शाता है।
टाटा समूह ने उनके जन्मदिन पर “फाउंडर्स डे” के रूप में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए।



