रांची में चतरा नगर परिषद के अध्यक्ष अताऊर रहमान की निर्वाचन पात्रता से जुड़े मामले पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले को लेकर दायर याचिका पर न्यायालय ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की। सुनवाई न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत में हुई। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जवाब तलब किया। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया। कोर्ट ने याचिका में लगाए गए आरोपों पर स्पष्ट स्थिति बताने को कहा। प्रधान सचिव को शपथपत्र के माध्यम से जवाब प्रस्तुत करना होगा। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विनोद सिंह ने पक्ष रखा। उन्होंने न्यायालय के समक्ष विभिन्न बिंदुओं को उठाया। मामले में निर्वाचन पात्रता को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपों पर विभाग का पक्ष रिकॉर्ड पर आना जरूरी है। अदालत ने संबंधित अधिकारी को विस्तृत शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद निर्धारित की है। इस दौरान विभाग को अपना जवाब दाखिल करना होगा। याचिका में अध्यक्ष की पात्रता से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए हैं। अदालत ने सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया गया। न्यायालय ने फिलहाल किसी अंतिम निष्कर्ष पर टिप्पणी नहीं की। मामले को अगली सुनवाई तक लंबित रखा गया है। अब सभी की नजर विभागीय जवाब पर टिकी हुई है।
इस प्रकरण को स्थानीय निकाय राजनीति से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में माना जा रहा है। चतरा नगर परिषद क्षेत्र में भी इस मामले की चर्चा हो रही है। अदालत का निर्देश प्रशासनिक स्तर पर भी अहम माना जा रहा है। विभाग को आरोपों के संबंध में तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत करनी होगी। शपथपत्र के माध्यम से जवाब देने से मामले की स्थिति और स्पष्ट होगी। न्यायालय ने प्रक्रिया के तहत सभी पक्षों को सुनने पर जोर दिया। कानूनी विशेषज्ञ भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। आगामी सुनवाई में नए तथ्यों के सामने आने की संभावना है। फिलहाल अदालत के निर्देश के अनुसार जवाब तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी। छह सप्ताह बाद होने वाली सुनवाई में मामले की आगे की दिशा तय हो सकती है।



