ऐसे में इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं होगा। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि 14 मई 2026 को मामले में आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। बचाव पक्ष ने दलील दी कि अभियोजन स्वीकृति अब तक प्राप्त नहीं हुई है। इसी आधार पर आरोपी को जमानत देने का अनुरोध किया गया। वहीं एसीबी की ओर से अदालत को बताया गया कि 12 मई 2026 को अभियोजन स्वीकृति के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव के पास भेजा गया था। एसीबी ने कहा कि स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान से सुना। इसके बाद उपलब्ध रिकॉर्ड और तथ्यों के आधार पर फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत देना उचित नहीं है। इसलिए आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार नंदन कुमार उर्फ अभिषेक गुप्ता 19 मार्च 2026 से न्यायिक हिरासत में है। उसके खिलाफ दुमका एसीबी कांड संख्या 02/2026 और विजिलेंस केस संख्या 04/2026 दर्ज है। आरोप है कि प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी रहते हुए उसने मोटरसाइकिल खरीदने के लिए 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। जांच के दौरान आरोपी को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया। फिलहाल मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है। अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद आरोपी को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।



