650 रुपए किलो चिकन, 10 हजार में सिलेंडर, रोटी में भी संकट…. महंगाई से हुई कोहराम पाकिस्तान में

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है. कई शहरों में रसोई गैस की किल्लत इतनी बढ़ गई है. कि लोग बिना एलपीजी के ही गुजारा करने में मजबूर हैं.
भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका वर्ष 2022 में कंगाली की कगार पर पहुंच गया. जनता महंगाई से त्राहिमात करते दिखे, तो राजनीतिक गलियारों में घमासान जारी रहा. और अब नया साल भी शुरू हो चुका है. अब श्रीलंका जैसे ही हालत नजर आ रहे हैं. पाकिस्तान में हमारे दूसरे पड़ोसी जहां महंगाई दर आसमान छू गई है. लोगों से मूलभूत सुविधाएं दूर होती जा रही है. विदेशी मुद्रा भंडार में कमी आती जा रही है.
पाकिस्तान भी श्रीलंका की तरह आर्थिक बदहाली के हालातों का सामना कर रहा है. सरकार ने भी अब इसे मान लिया है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा है, देश काफी संकट परिस्थितियों से गुजर रहा है. खाने पीने का सामान हो, पेट्रोल-डीजल हो या फिर रसोई गैस और बिजली….. हर चीज लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही है. महंगाई का आलम यह है देश में 2022 दिसंबर में मुद्रास्फीति दर बढ़कर 24 पॉइंट 5 फीसदी पर पहुंच चुकी है. और पाकिस्तान पर लगातार कर्ज बढ़ता जा रहा है.



