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कोल इंडिया कर्मचारियों ने रांची में कोयला खान भविष्य निधि के क्षेत्रीय कार्यालय को घेरा, ये हैं मांगें

कोयलाकर्मियों की पेंशन स्कीम में संशोधन हो, पेंशन में मंहगाई भत्ता में वृद्धि के अनुरूप बढ़ोतरी की जाये. पेंशन स्कीम की हर तीन साल पर समीक्षा व संशोधन हमारी तीसरी मांग है. उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कामगारों की मृत्यु के पश्चात विधवा/विधुर की पेंशन को शुरू करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाये.

कोल इंडिया के कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में कोयला खान भविष्य निधि के क्षेत्रीय कार्यालय के सामने मंगलवार (10 अक्टूबर 2022) को धरना दिया. धरना-प्रदर्शन में रिटायर्ड कर्मचारियों के साथ-साथ कोल इंडिया में कार्यरत कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया. आंदोलन का नेतृत्व अखिल भारतीय कोयला पेंशनभोगी संघ (एआईसीपीए) ने किया.

एआईसीपीए की हैं 6 मांगें

अखिल भारतीय कोयला पेंशनभोगी संघ के महासचिव एके सिंह ने इस अवसर पर कहा कि उनकी 6 प्रमुख मांगें हैं. उन्हें पूरा किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि कोयला खान पेंशन योजना के पुनर्गठन के लिए संसद की लोक लेखा समिति की 12वीं रिपोर्ट में जो सुझाव दिये गये हैं, उन सुझावों पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए. उन्हें लागू किया जाना चाहिए.

कोयलाकर्मियों की पेंशन स्कीम में संशोधन की मांग

दूसरी मांग है कि कोयलाकर्मियों की पेंशन स्कीम में संशोधन हो, पेंशन में मंहगाई भत्ता में वृद्धि के अनुरूप बढ़ोतरी की जाये. पेंशन स्कीम की हर तीन साल पर समीक्षा व संशोधन हमारी तीसरी मांग है. उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कामगारों की मृत्यु के पश्चात विधवा/विधुर की पेंशन को शुरू करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाये. यानी उसे बैंक स्तर पर शुरू किया जाये.

सीसीएल के अलग-अलग क्षेत्रों से आये कर्मी

श्री सिंह ने कहा कि सरकारी नीति के अनुरूप पेंशनभोगी को न्यूनतम पेंशन सुनिश्चित किया जाये. छठी और अंतिम मांग यह है कि सभी सरकारी और निजी कोयला कंपनियों से हर तीन साल में सेस बढ़ाने के प्रावधानों के साथ 20 रुपए प्रति टन के सेस के अनिवार्य संग्रह की प्रक्रिया को तेज किया जाये. धरना में सीसीएल, ईसीएल, बीसीसीएल, एसईसीएल सीएमपीडीआई के कर्मियों के अलावा सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों से भारी संख्या में आये हुए कर्मी शामिल हुए.

सीएमपीएफओ के रीजनल कमिश्नर को सौंपा गया ज्ञापन

दोपहर 12 बजे महासचिव एके सिंह के नेतृत्व में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सीएमपीएफओ रांची के रीजनल कमिश्नर से मुलाकात की और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल में संघ के अध्यक्ष एमआई आलम, रत्नेश कुमार, एमएम हक, हरीश ठाकुर, एसएस राय, एचके सिन्हा, एससी पोद्दार, एसएन मिश्रा, ओपी नारायण और शांति प्रसाद मिश्रा शामिल थे.

from prabhat khabar

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