बीएसएल प्लांट की चारदीवारी के अंदर कॉपर केबल चोरी के मामले में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने कार्रवाई की है। CISF ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। घटना 24 सितंबर की बताई जा रही है। CISF के उपनिरीक्षक पुष्प प्रताप सिंह और अन्य जवान प्लांट क्षेत्र में निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें 8 से 10 संदिग्ध लोग नजर आए। संदिग्धों को प्लांट के अंदर कॉपर स्क्रैप चोरी करते देखा गया। इसके बाद CISF जवानों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। जवानों को देखकर संदिग्धों ने वहां से भागने का प्रयास किया। कार्रवाई के दौरान दो संदिग्धों को खदेड़कर पकड़ लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान विशाल महली और सनातन मुंडा के रूप में हुई। दोनों के पास से चोरी से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद पूछताछ की गई। उनकी निशानदेही पर 480 किलोग्राम कॉपर केबल बरामद किया गया। बरामद केबल की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख 76 हजार रुपये बताई गई।
गिरफ्तार विशाल महली की उम्र 25 वर्ष है। वह बोकारो के जरीडीह थाना क्षेत्र के तुपकाडीह गांव का रहने वाला है। उसके पिता का नाम बुधदेव स्वार बताया गया है। दूसरे आरोपी की पहचान 32 वर्षीय सनातन मुंडा के रूप में हुई है। वह हरला थाना क्षेत्र के मोदीडीह गांव का निवासी है। उसके पिता का नाम शंकर मुंडा है। मामले में CISF की ओर से बीएस सिटी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। CISF के अनुसार, चोरी की घटना में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। घटना के समय मौके पर 8 से 10 संदिग्धों की मौजूदगी सामने आई थी। फरार संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी का सामान कहां ले जाने की योजना थी। बरामद कॉपर केबल को मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, प्लांट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद चोरी की घटना सामने आई। अब अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।



