इस टीम का नेतृत्व उपायुक्त ऑफ पुलिस (DCP) बीएस नेमगोडा करेंगे, जिन्हें साइबर क्राइम और कानून व्यवस्था के मामलों में विशेषज्ञता हासिल है। यह फैसला शहर में लगातार मिल रही धमकियों और जनता में पैदा हो रहे भय को देखते हुए लिया गया है।
डीसीपी बीएस नेमगोडा ने जानकारी दी कि शहर के 14 अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में दर्ज किए गए बम की धमकी से संबंधित कुल 29 मामलों को इस नई टीम को सौंप दिया गया है। इन सभी मामलों को अब नॉर्थ डिवीजन साइबर क्राइम स्टेशन में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां जांच को एकजुट किया जाएगा। विशेष टीम इन धमकियों के पीछे के स्त्रोत, पैटर्न और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों का पता लगाएगी। जांच में तकनीकी विशेषज्ञों और साइबर सुरक्षा जानकारों की मदद ली जाएगी।
पुलिस का मानना है कि इनमें से अधिकांश धमकियाँ शरारती तत्वों या संगठित साइबर गिरोहों द्वारा घबराहट पैदा करने के लिए दी जा रही हैं, लेकिन पुलिस किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं करना चाहती। विशेष टीम का गठन यह दर्शाता है कि पुलिस प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से ले रहा है। जांच पूरी होने के बाद यह टीम अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेगी। बेंगलुरु पुलिस ने आम जनता से संयम रखने और किसी भी अपुष्ट खबर पर ध्यान न देने की अपील की है।



