अवमानना याचिकाओं की सुनवाई ने सरकार की प्रक्रिया पर ध्यान खींचा है। हाईकोर्ट ने आदेश अनुपालन में देरी को गंभीर बताया। खंडपीठ की टिप्पणी प्रशासन के लिए संकेत मानी जा रही है। यह मामला नीति और प्रक्रिया दोनों से जुड़ा है।
सरकार ने विभागीय स्वीकृति की बात कही थी। कोर्ट ने कहा कि कैबिनेट की अनुपस्थिति बहाना नहीं हो सकती। डिजिटल युग में वैकल्पिक माध्यम मौजूद हैं। अदालत ने स्पष्ट रुख अपनाया।
सचिव की विदेश यात्रा पर भी सवाल खड़े हुए। कोर्ट ने पूर्व अनुमति न लेने पर नाराजगी जताई। शपथ पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। अगली सुनवाई 27 जनवरी को होगी।


