हरिद्वार, उत्तराखंड: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में एक और हाथी की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई है, जिससे वन्यजीव संरक्षण समुदाय में गहरी चिंता पैदा हो गई है। पिछले दो सप्ताहों के भीतर यह चौथा हाथी है जो बिजली के तारों के संपर्क में आने से मारा गया है, जो वन्यजीव और मानव बस्तियों के संघर्ष की गंभीरता को दर्शाता है। वन विभाग के अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि की है और कहा है कि यह दुर्घटना बिजली के ढीले या अवैध तारों के कारण हुई है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) आरके मिश्रा ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। पीसीसएफ मिश्रा ने मंडल वन अधिकारी (DFO) को निर्देश दिया है कि वे जंगलों और हाथियों के आवागमन वाले क्षेत्रों में गश्त को तेज करें। इसके अलावा, उन्होंने मुख्य वन संरक्षक (CCF) राजीव धीमान को निर्देश दिया है कि वे बिजली विभाग को एक कड़ा पत्र लिखें। इस पत्र में ढीले तारों को तुरंत ठीक करने और हाथियों के मार्गों पर मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
वन्यजीव विशेषज्ञों ने बिजली विभाग की घोर लापरवाही पर सवाल उठाया है, जिसके कारण वन्यजीवों की असुरक्षा बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाथी गलियारों के आसपास बिजली के तारों को पर्याप्त ऊंचाई पर रखना अनिवार्य है। वन विभाग ने कहा है कि वे बिजली विभाग के साथ मिलकर समस्याग्रस्त क्षेत्रों की पहचान करेंगे और सुरक्षा उपायों को लागू करेंगे। इस तरह की लगातार मौतें उत्तराखंड में हाथी संरक्षण के लिए एक बड़ी चुनौती हैं।



