ऑनलाइन उत्पीड़न में हैदराबाद देश में सबसे आगे .
हैदराबाद, तेलंगाना: ऑनलाइन उत्पीड़न (Online Harassment) के मामलों में हैदराबाद पूरे देश में पहले स्थान पर आ गया है.
जो महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चिंता खड़ी करता है। पिछले वर्ष भारत भर में दर्ज किए गए ऑनलाइन उत्पीड़न के कुल 373 मामलों में से चौंकाने वाली संख्या यानी 163 मामले अकेले हैदराबाद में दर्ज किए गए। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि डिजिटल स्पेस में साइबर अपराधियों की गतिविधियाँ कितनी तेज हो गई हैं। इन मामलों में धमकी, ब्लैकमेल, मॉर्फ्ड तस्वीरें साझा करना और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भेजना शामिल है।
साइबर विशेषज्ञों ने इस बढ़ोतरी के लिए इंटरनेट की बढ़ती पहुंच, सोशल मीडिया का व्यापक उपयोग और डिजिटल साक्षरता की कमी को मुख्य कारण बताया है। विशेषज्ञों के अनुसार, महामारी के बाद बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति बढ़ी है, जिससे वे भी साइबर उत्पीड़न का आसान शिकार बन रहे हैं। पुलिस के आंकड़ों से पता चलता है कि पीड़ितों में बड़ी संख्या महिलाओं की है, जिन्हें फोटो छेड़छाड़ (Morphing) और धमकी भरे संदेशों के माध्यम से परेशान किया जाता है। साइबर सुरक्षा को लेकर तत्काल और कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि नागरिकों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हैदराबाद पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने इन मामलों में तेजी लाने और अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अब साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने पर अधिक ध्यान देना होगा। स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों को और युवाओं को इंटरनेट के खतरों से अवगत कराना अति आवश्यक है। जब तक लोग खुद साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक नहीं होंगे, तब तक इस तरह के मामलों में कमी लाना एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी।



