चंडीगढ़, पंजाब: पंजाब सरकार बेअदबी के मामलों से निपटने के लिए एक नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। हालांकि, इस कदम ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के इरादों पर सवाल खड़े किए हैं।
यह मुद्दा इसलिए और भी जटिल हो गया है क्योंकि 2016 में भाजपा-शिअद सरकार और 2018 में कांग्रेस सरकार द्वारा बेअदबी के खिलाफ पारित किए गए विधेयक पहले से ही लंबित हैं। ये पिछले विधेयक या तो केंद्र सरकार से मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं या कानूनी अड़चनों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में, विपक्षी दलों का तर्क है कि जब पहले से ही दो विधेयक लंबित हैं, तो AAP सरकार एक नया कानून लाने की बजाय उन लंबित विधेयकों को पारित कराने पर ध्यान क्यों नहीं दे रही है। उनका आरोप है कि यह कदम केवल राजनीतिक लाभ के लिए उठाया जा रहा है।
पंजाब में बेअदबी का मुद्दा एक बेहद संवेदनशील विषय है और इसने राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। AAP सरकार का कहना है कि वे इस मुद्दे पर एक मजबूत और प्रभावी कानून लाना चाहते हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नया विधेयक क्या रूप लेता है और क्या यह पिछली सरकारों द्वारा उठाए गए कदमों से अलग होगा या नहीं।


