विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रंधीर जयसवाल ने पड़ोसी देश में बढ़ते कट्टरपंथी बयानबाजी और हिंसा की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की।
मुख्य बिंदु:
भारत की स्पष्ट अपील: भारत ने कहा कि बांग्लादेश सरकार को अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
लगातार मुद्दा उठाना: जयसवाल ने कहा कि भारत ने बांग्लादेशी सरकार के साथ हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों पर हमलों का मुद्दा मजबूती से उठाया है।
बढ़ती हिंसा पर चिंता: जयसवाल ने कहा कि कट्टरपंथी बयानबाजी और हिंसा की बढ़ती घटनाओं को मीडिया की बढ़ा-चढ़ा कर पेश करने के रूप में नहीं देखा जा सकता।
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा: भारत ने बांग्लादेश से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी: बांग्लादेश में हिंदू साधु चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी पर भारत ने कानूनी प्रक्रिया का ध्यान रखने की बात कही।
न्याय की मांग: भारत ने उम्मीद जताई कि संबंधित कानूनी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायपूर्ण होगी।
अंतर्राष्ट्रीय महत्व: भारत का यह बयान बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा पर वैश्विक ध्यान आकर्षित करता है।
भारत-बांग्लादेश संबंध: यह घटनाक्रम भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक संबंधों को भी प्रभावित कर सकता है।
स्थानीय प्रतिक्रिया: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को इस पर तेजी से कदम उठाने की आवश्यकता है।
संदेश स्पष्ट: भारत ने साफ कहा कि ऐसी घटनाएं क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी संबंधों के लिए खतरनाक हैं।
निष्कर्ष:
भारत ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाया है और जिम्मेदार कदम उठाने की मांग की है।


