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वाशिंगटन: संयुक्त राज्य अमेरिका ने चीन और भारत में अपने दूतावासों द्वारा वायु प्रदूषण के आंकड़े जारी करना बंद कर दिया है।
यह कार्यक्रम, जो 2008 से चल रहा था, दूतावासों में लगे सेंसरों के माध्यम से वायु गुणवत्ता डेटा प्रदान करता था।
यह डेटा ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाता था और इसे एक मोबाइल ऐप के माध्यम से भी एक्सेस किया जा सकता था।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है?
यह खबर चीन और भारत जैसे देशों में वायु गुणवत्ता की निगरानी और पारदर्शिता के महत्व को उजागर करती है। यह खबर हमें यह भी बताती है कि वायु प्रदूषण के डेटा तक पहुंच सार्वजनिक स्वास्थ्य और नीतिगत निर्णयों के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।
मुख्य बातें:
- संयुक्त राज्य अमेरिका ने चीन और भारत में दूतावासों द्वारा वायु प्रदूषण के आंकड़े जारी करना बंद कर दिया है।
- यह कार्यक्रम 2008 से चल रहा था।
- दूतावासों में लगे सेंसरों के माध्यम से वायु गुणवत्ता डेटा प्रदान किया जाता था।
- यह डेटा ऑनलाइन और एक मोबाइल ऐप के माध्यम से उपलब्ध था।
यह खबर हमें क्या बताती है?
यह खबर हमें बताती है कि वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या है। यह खबर हमें यह भी बताती है कि वायु प्रदूषण के डेटा तक पहुंच सार्वजनिक स्वास्थ्य और नीतिगत निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण है।
हमें क्या करना चाहिए?
- हमें वायु प्रदूषण के बारे में जागरूक होना चाहिए।
- हमें वायु प्रदूषण को कम करने के लिए प्रयास करने चाहिए।
- हमें सरकार से वायु प्रदूषण के डेटा को सार्वजनिक करने की मांग करनी चाहिए।



