जेएसएससी सीजीएल परीक्षा से जुड़े विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा निर्णय सुनाया है। सोमवार को शीर्ष अदालत ने उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। यह फैसला राज्य सरकार के पक्ष में गया है। साथ ही सफल अभ्यर्थियों को भी बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से चल रहा कानूनी विवाद अब स्पष्ट दिशा में पहुंच गया है।
सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता शामिल थे। पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं पाई। अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट का निर्णय न्यायसंगत है। इससे पहले तीन दिसंबर को झारखंड हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने दस छात्रों के परिणाम पर रोक लगाई थी। बाकी अभ्यर्थियों की नियुक्ति का आदेश दिया गया था।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद जेएसएससी ने मेरिट लिस्ट जारी की थी। राज्य सरकार ने सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी सौंप दिए थे। इसके बाद कुछ छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। अब याचिका खारिज होने से नियुक्ति प्रक्रिया को वैधता मिल गई है। सफल उम्मीदवारों में संतोष का माहौल है। राज्य सरकार ने फैसले का स्वागत किया है।



