पाली में जिस सड़क के लिए CM ने दी 25 करोड़ की स्पेशल स्वीकृति, वो उद्घाटन से पहले ही उधड़ गई, जानें पूरा मामला
प्रदेश के पाली शहर की मुख्य सडकों को सुधारकर आम जन को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विशेष स्वीकृति जारी करते हुए 25 करोड दिए। इसके तहत शहर के मुख्य मार्गों की सडकों के निर्माण हुआ। लेकिन इनके निर्माण में बरती गई लापरवाही के चलते स्थिति यह हुई कि ये सडकें उदघाटन होने के पहले ही बिखर गई हैं। आम जनता के लिए राहत के बदले ये सडकें आफत बन गई हैं। जहां पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। इसके उपरांत भी जिम्मेदार मौन धारण किए बैठे है।
इन मार्गों की सडकों का हो रहा था निर्माण
पाली शहर में प्रवेश करते ही वाहन चालकों और अन्य नागरिकों को अच्छी अनुभति हो। साथ ही शहर अच्छा नजर आए। इस उद्वेश्य से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पाली के प्रवेश मार्ग की मुख्य सडकों के निर्माण हेतु विशेष स्वीकृति जारी कर 25 करोड रूपए आंवटित किए थे। इस 25 करोड की राशि से जोधपुर की ओर से आने पर पाली में प्रवेश करते ही बाइपास से हाउसिंग बोर्ड स्थिति खेतेश्वर सर्किल तक और अजमेर की ओर से आने पर हाइफा हीरो सर्किल से सुन्दर नगर तक की दोनों सडकों का खुदाई कर निर्माण किया जाना था।
मार्च 2023 में पूरा होना था निर्माण कार्य, अभी तक अधूरा
जानकारी के अनुसार नगरपरिषद ने पारूल कंस्ट्रक्शन की ओर से इन दोनों सडकों का निर्माण करवाया। कंस्ट्रक्शन कंपनी को इन सडकों का निर्माण अप्रैल 2022 में प्रारंभ कर मार्च 2023 में पूरा करना था। परंतु, समय पर कार्य पूरा नहीं होने के कारण सडक निर्माण पूर्ण करने के लिए 6 माह का एक्सटेंशन दिया गया। यह समय सीमा भी निकल गई है, लेकिन अभी तक सडक निर्माण का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है।
पाइप लाइन लीकेज के चलते आया व्यवधान
खास बात यह रही थी पहले तो इस मार्ग पर सडकों का निर्माण कार्य ही समय पर प्रारंभ नहीं हुआ। बार- बार हादसे सोजत मार्ग पर होते रहे। आखिरकार किसी प्रकार कार्य प्रारंभ हुआ तो बीच में कई स्थानों पर पाइप लाइन लीकेज होने के कारण संबंधित ठेकेदार ने लीकेज वाले स्थानों पर सडक बनाने से मना कर दिया, जिससे कार्य बाधित होता रहा। इधर, बीच बीच में सडक क्षतिग्रस्त होने से आम जन धूल मिटटी से परेशान होता रहा।

दुर्घटनाएं होने पर पार्षदों ने किए प्रदर्शन
सडक निर्माण बार बार रोक देने और नया गांव रोड पर आए दिन दुघटनाएं होने, धूल मिट्टी उड़ने से सडक किनारे के दुकानदारों का व्यवसाय प्रभावित होने के कारण यहां पर स्थानीय पार्षदों द्वारा कई बार प्रदर्शन किये गए। शीध्र सडक निर्माण का कार्य पूर्ण कर आम जन और व्यवसाइयों को राहत प्रदान करने की मांग की गई। इस पर नगरपरिषद सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने ठेकेदार पर दबाव बनाकर आधी अधूरी बनी सडक का निर्माण कार्य किसी प्रकार पूर्ण करवाकर इतिश्री कर ली। अपनी जिम्मेदारी से पलडा झाड लिया।
25 करोड में ये होने थे कार्य
25 करोड की राशि से जोधपुर बाइपास से खेतेश्वर सर्किल तक सडक, बीच में डिवाइडर, डिवाइडर पर टाइल्स लगाने का कार्य और दोनों ओर इंटरलाकिंग सहित इस मार्ग पर एक पुलिये का निर्माण किया जाना था। इसी प्रकार हाइफा सर्किल से बनने वाली सड़क पर भी एक पुलिये का निर्माण, दोनों ओर सडक का निर्माण, बीच में डिवाइडर और एक नाले का निर्माण किया जाना था।
18 माह बाद भी ये कार्य अधूरे
वर्तमान में स्थिति यह है कि इन दोनों ही सडकों पर डामर की फाइनल कोटिंग होनी बाकी है। हाउसिंग बार्ड से घुमटी वाली सडक पर इंटरलाकिंग का एक ओर का कार्य होना शेष है, डिवाइर पर सभी जगह टाइल्स नहीं लग पाई है जबकि नया गांव रोड पर टाइल लगानी बाकी है। इन दोनों ही मार्गो पर बने दोनों पुलियो पर यायायात प्रारंभ कर दिया गया है।



