प्यार-मोहब्बत में प्लेन हाईजैकिंग! गर्लफ्रेंड की खातिर विमान हाईजैक की धमकी दी और फिर…
जेट एयरवेज की फ्लाइट मुंबई से दिल्ली के लिए उड़ान भर रही थी। प्लेन यात्रियों से भरा हुआ था। उस वक्त उस प्लेन में 115 यात्री मौजूद थे। प्लेन के अंदर खाना सर्व किया जा रहा था। लोग खुशी-खुशी अपनी मंजिल का इंतजार कर रहे थे। अभी करीब एक घंटा बाकी था। तभी एक क्रू मेंबर की नजर वॉशरूम के टिशू पेपर के ऊपर पड़े एक लेटर पर गई। इस लेटर में अंग्रेजी और उर्दू में प्लेन हाइजैकिंग की धमकी थी। धमकी भरे खत की बात जैसे ही सामने आई प्लेन में हड़कंप मच गया।
जेट एयरवेज में दी गई थी प्लेन हाईजैकिंग की धमकी
क्रू मेंबर्स परेशान हो उठे, पायलट, एयर होस्टेस और यात्रियों तक भी ये धमकी भरे खत की बात पहुंच चुकी थी। सबकी हालत-खराब थी। ये लगा कि शायद ये आतंकी धमकी हो सकती है। आनन फानन में प्लेन की लैंडिंग कराने का निर्णय लिया गया। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग हुई। यात्रियों और क्रू मेंबर्स के लिए वो दिन बेहद भयानक था। खौफ के चंदे घंटे सबके चेहरे पर दिख रहे थे। हालांकि जब एयरपोर्ट पर सारे यात्री सकुशल उतर गए तब जाकर सबने चैन की सांस ली, लेकिन अब शुरू हुई जांच।
प्लेन में बैठे एक बिजनेसमैन पर लगे थे आरोप
ये बड़ा मामला था। जांच एनआईए को सौंपी गई। सबकी नजरे इस केस पर टिकी हुई थीं, क्या ये कोई आतंकी धमकी थी? जब जांच पूरी हुई तो पता चला ये धमकी भरा खत प्लेन के अंदर बैठे मुंबई के एक बिजनेसमैन बिरजू किशोर सल्ला ने रखा था। बिरजू किशोर ने अपने ऑफिस में बैठकर इस खत को लिखा था। उन्होंने गुगल की मदद से ही इंग्लिश में लिखे शब्दों को उर्दू में भी तैयार किया और उसका प्रिंट आउट भी अपने ऑफिस में ही लिया था।
गर्लफ्रेंड के ट्रांसफर के लिए लिखा था धमकी भरा खत!
बिरजू सल्ला को गिरफ्तार कर लिया गया। बिरजू से पूछताछ हुई तो हैरान करने वाली बात सामने आई। बिजनेसमैन ने बताया कि उनकी गर्लफ्रेंड जेट एयरवेज के दिल्ली वाले ऑफिस में नौकरी करती है। वो चाहते थे कि जेट एयरवेज का दिल्ली वाला ऑफिस बंद हो जाए ताकि उनकी गर्लफ्रेंड मुंबई ट्रांसफर हो जाए। बस इसी बात को लेकर उन्होंने प्लेन हाईजैकिंग की धमकी की योजना बना डाली।
बिरजू सल्ला को उम्रकैद हुई और 5 करोड़ का जुर्माना भी
साल 2017 का ये मामला है। 2 साल तक ये केस चलता रहा। साल 2019 में एनआईए कोर्ट ने बिरजू सल्ला को एंटी हाईजैकिंग कानून के तहत उम्र कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा बिरजू सल्ला पर 5 करोड़ का जुर्माना भी हुआ। बिरजू सल्ला को पूरी जिंदगी किसी भी फ्लाइट में यात्रा न करने के आदेश भी दिए गए। एनआई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ बिरजू ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब गुजरात हाईकोर्ट ने बिरजू सल्ला को बरी कर दिया है।
अब गुजरात हाईकोर्ट ने बदला एनआईए कोर्ट का फैसला
गुजरात हाईकोर्ट ने माना कि बिजनेसमैन को संदेह से भरे सबूतों के आधार पर दोषी माना गया था, इस वजह से विमान को हाईजैक करने जैसे अपराध के लिए उसे दोषी ठहराया नहीं जा सकता है। हाईजैकिंग एक्ट साल 2016 में बना था और पहली बार किसी शख्स को इस एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया था। गुजरात हाईकोर्ट ने मुआवजे की 5 करोड़ की राशि भी बिरजू सल्ला को वापस लौटाने के आदेश दिए हैं। मुआवजे की ये रकम उस वक्त क्रू मेंबर्स और यात्रियों के बीच बांटी गई थी। कोर्ट ने कहा कि एनआईए इसे उनसे वापस ले सकता है या फिर खुद इस जुर्माने की राशि को लौटाए।




