बीजेडी सदस्यों ने मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी से पूर्व बीजेडी सरकार के दौरान सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं पर दिए गए बयान पर सफाई देने की मांग की।
मुख्य बिंदु:
- विवाद का कारण:
- शुक्रवार को मांझी ने ओडिशा पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2024 पेश करते हुए बीजेडी सरकार पर आरोप लगाए कि सरकारी नौकरियां लाखों रुपये में बेची गईं।
- बीजेडी ने आरोपों की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री से सबूत पेश करने की मांग की।
- शनिवार का घटनाक्रम:
- प्रश्नकाल शुरू होते ही बीजेडी सदस्य वेल में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे।
- विधानसभा केवल तीन मिनट तक चल पाई।
- स्पीकर सुरमा पाधी ने सदन को स्थगित कर दिया।
- मुख्यमंत्री की गैर-मौजूदगी:
- मांझी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम में भाग लेने मयूरभंज जिले गए हुए थे।
- इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने सदन में प्रदर्शन जारी रखा।
- बीजेडी का बयान:
- बीजेडी विधायक गणेश्वर बेहरा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “जो भी अनियमितताओं में शामिल हो, उन्हें बेनकाब करें। सभी को कैमरे के सामने लाएं।”
- बीजेडी ने मांझी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया।
- आगे की स्थिति:
- सदन में हंगामे के कारण विधेयक पर चर्चा नहीं हो सकी।
- बीजेडी ने साफ किया कि जब तक मुख्यमंत्री सफाई नहीं देंगे, प्रदर्शन जारी रहेगा।


