भारत सरकार ने सोमवार को विदेश मंत्रालय के तहत ई-माइग्रेट पोर्टल के नए संस्करण को लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य भारतीय श्रमिकों, विशेष रूप से नीली कॉलर के श्रमिकों के सुरक्षित और सुचारू प्रवास को सुनिश्चित करना है।
भारत सरकार ने सोमवार को विदेश मंत्रालय के तहत ई-माइग्रेट पोर्टल के नए संस्करण को लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य भारतीय श्रमिकों, विशेष रूप से नीली कॉलर के श्रमिकों के सुरक्षित और सुचारू प्रवास को सुनिश्चित करना है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर और श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने मिलकर पोर्टल और इसके मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जयशंकर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल ‘सुरक्षित जाएं, प्रशिक्षित जाएं’ की थीम पर डाक टिकट जारी किया था, जिसका मकसद सुरक्षित और कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देना है।
ई-माइग्रेट पोर्टल का मुख्य उद्देश्य उन देशों में काम करने वाले भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है जहां श्रमिकों के शोषण की घटनाएं अधिक होती हैं, जैसे कि खाड़ी देशों में। पोर्टल पर 24×7 बहुभाषी हेल्पलाइन और फीडबैक सिस्टम जैसी नई सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। इसके साथ ही इसे डिजीलॉकर से जोड़ा गया है ताकि दस्तावेजों को सुरक्षित और डिजिटल रूप से प्रस्तुत किया जा सके।
इस पोर्टल के जरिए नियोक्ता और भर्ती एजेंटों को पंजीकरण कराना अनिवार्य है, जिससे केवल वास्तविक और प्रमाणित संस्थाएं ही श्रमिकों की भर्ती कर सकें। पोर्टल एक केंद्रीकृत प्रक्रिया के तहत भारतीय मिशनों और सरकार के साथ समन्वय करता है ताकि प्रवासी श्रमिकों को किसी भी प्रकार के शोषण से बचाया जा सके।
यह पोर्टल श्रमिकों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने का भी अवसर देता है, जिससे समय पर समाधान हो सके। अब तक चार मिलियन भारतीयों को इस पोर्टल के माध्यम से प्रवासन प्रमाणपत्र जारी किया जा चुका है।



