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आरजेडी की चुप्पी, नीतीश का इनकार, मंत्रिमंडल विस्तार पर ‘खेला’ कर गए सीएम कुमार

बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार ‘बीरबल की खिचड़ी’ की तरह हो गया है। रह-रह कर चर्चाएं होती हैं, बात आगे बढ़ती है और मुकाम भी सामने दिखाई देने लगता है। फिर पता नहीं ऐसा क्या हो जाता है कि कदम आगे बढ़ ही नहीं पाते। 23 जून 2023 को तो ऐसा लगा कि अब हफ्ते-दस दिन से अधिक मंत्रिमंडल विस्तार में देर नहीं होगी, लेकिन उसके बाद इसकी चर्चा ठंडे बस्ते में चली गई। अब विस्तार कब होगा, इस पर भी एक तरह से नीतीश कुमार ने यह कह कर विराम लगा दिया है कि अब और कितने मंत्री चाहिए।

कैबिनेट बैठक में दो मुद्दों पर मंजूरी की थी आस

सीएम नीतीश कुमार ने जब सोमवार को कैबिनेट की स्पेशल मीटिंग बुलाई तो इसे लेकर कई तरह के कयास लगने लगे। खासकर दो मुद्दों पर चर्चा अधिक थी। पहली संभावना यह जताई गई कि राज्य के चार लाख नियोजित शिक्षकों को सरकारी शिक्षक का दर्जा देने पर कैबिनेट में फैसला हो सकता है। दूसरी चर्चा, मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर थी। दोनों बातों की चर्चा इसलिए हो रही थी कि नीतीश कुमार ने पहले ही इसके संकेत दिए थे, लेकिन कोई टाइम फ्रेम फिक्स नहीं किया था। कैबिनेट बैठक हुई, लेकिन शिक्षकों के हाथ तो खाली रह ही गए, मंत्रिमंडल विस्तार पर भी कोई चर्चा तक नहीं हुई।

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कैबिनेट में मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा तक नहीं

मंत्रिमंडल विस्तार की सर्वाधिक उम्मीद कांग्रेस को ही थी। कांग्रेस लगातार अपने लिए दो मंत्री पद की मांग कर रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह इसके लिए धमकाते भी रहे हैं। जिस अंदाज में वे अपनी बातें कहते हैं, उससे लगता है कि मंत्री न बनाए जाने पर कांग्रेस महागठबंधन से हाथ छुड़ा लेगी। हालांकि इसे ‘गीदड़ भभकी’ से अधिक मानना लोगों की भूल है। कांग्रेस के बारे में सभी जानते हैं कि उसके फैसले आलाकमान करता है। आलाकमान की मर्जी के खिलाफ पत्ता भी कांग्रेस में नहीं हिल सकता है। और, अगर ऐसी नौबत भी आई तो महागठबंधन सरकार की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।

मंत्री न बनाए जाने की शिकायत राहुल से की थी

नीतीश कुमार की पहल पर पटना में जब पहली बार विपक्षी दलों की बैठक हुई थी तो अखिलेश सिंह ने बहैसियत प्रदेश अध्यक्ष राहुल गांधी से शिकायत की थी। अखिलेश सिंह ने राहुल से कहा कि मंत्रिमंडल में कांग्रेस कोटे के दो और मंत्रियों को नीतीश कुमार जगह नहीं दे रहे। राहुल ने हल्के अंदाज में नीतीश से पूछा भी था कि कांग्रेस से कितने मंत्री बना रहे हैं। तब नीतीश ने उन्हीं से पूछ दिया कि कितने को बनाना है। वहां मौजूद अखिलेश सिंह ने संख्या दो बताई थी। उसके बाद कयास लगने लगे कि जल्दी ही मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। इसमें कांग्रेस कोटे से दो और लोगों को मंत्री बनाया जाएगा।

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चर्चा का आलम यह था कि कांग्रेस में संभावित मंत्रियों के नाम भी गिनाए-बताए जाने लगे। तब से कांग्रेस मंत्रिमंडल विस्तार की आस लगाए बैठी है। कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान ने अब एक बार फिर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जेडीयू-आरजेडी के अलावा चार अन्य पार्टियां नीतीश सरकार में शामिल हैं। संख्या बल के आधार पर मंत्री बनाए जाते हैं। जेडीयू कोटे के मंत्रियों की संख्या तो ठीक है, लेकिन आरेजेडी और कांग्रेस कोटे के मंत्रियों के पद खाली हैं। कांग्रेस अपना हक मांग रही है। इस मुद्दे पर हम नीतीश कुमार से बात करेंगे।

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