इस आउटेज की वजह से कई अहम सेवाएं बाधित हो गईं, जिनमें एटीएम, फ्लाइट ऑपरेशन्स, बैंकिंग सिस्टम और अस्पताल शामिल थे. रिपोर्ट्स के अनुसार, क्रैश का असर भारत समेत कई देशों में देखने को मिला.
यह आउटेज उस वक्त हुआ, जब CrowdStrike द्वारा बनाए गए एक एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर अपडेट में गड़बड़ी सामने आई. इस अपडेट ने गलती से माइक्रोसॉफ्ट सिस्टम्स को चलने वाले Windows डिफेंडर एजेंट को निष्क्रिय कर दिया, जिसके कारण बड़े पैमाने पर व्यवस्थाएं ठप पड़ गईं.
आउटेज के कारण कई तरह की समस्याएं सामने आईं, जिनमें एटीएम से कैश न निकल पाना, फ्लाइट्स का लेट होना या रद्द होना, और अस्पतालों में इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड्स तक पहुंचने में दिक्कतें शामिल रहीं. इस घटना से व्यापार जगत को भी काफी नुकसान हुआ.
इस पूरे प्रकरण में सबसे ज्यादा नुकसान CrowdStrike को हुआ, जिसका शेयर बाजार में प्रदर्शन बुरी तरह प्रभावित हुआ. कंपनी के शेयरों में 11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे कंपनी के बाजार मूल्य में 9 अरब डॉलर से भी ज्यादा की कमी आई. वहीं दूसरी ओर, माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में गिरावट 1% से भी कम रही.

