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पूर्व PM इंदिरा गांधी का 54 किलोग्राम चांदी से तुलादान कर दिखाई थी देशभक्ति, चीन हमले की वो कहानी जानिए

देश पर जब भी संकट छाया बुंदेलों ने तन-मन-धन से अपना सहयोग कर अपनी देशभक्ति दिखाई है। 1962 में जब चीन ने भारत पर हमला किया तो तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के आवाहन पर बुंदेलों ने दिल खोलकर तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री इंदिरा गांधी का उनके वजन के बराबर 54 किग्रा चांदी से तुला दान किया। ग्रामवासियों के प्रेम से अभिभूत हो पूर्व प्रधानमंत्री ने गांव में ही देशी भोजन किया था।

सन 1962 में जब भारत देश के पड़ोसी देश चीन ने भारत पर अचानक हमला किया तो उस समय देश की बागडोर पंडित जवाहरलाल नेहरू के हाथ में थी। देश की आर्थिक स्थिति खराब थी। इसके कारण पंडित नेहरू ने देशवासियों से रक्षा कोष के लिए सोना चांदी और नकद दान करने का आवाहन किया । देशवासी देश के कोष में दान करें जिसकी देश को आवश्यकता है। 16 अप्रैल 1965 को जनपद के कुलपहाड़ तहसील क्षेत्र के मुढ़ारी गांव पहुंची पूर्व प्रधानमंत्री तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री इंदिरा गांधी का ग्राम वासियों ने जोरदार स्वागत किया। देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत हो चांदी से तुलादान किया। तराजू पर चढ़ी चांदी का वजन करने पर वह 54 किलो ग्राम निकली, उस चांदी को सरकारी खजाने में जमा कराया गया। तब 54 किग्रा चांदी की कीमत लगभग 30 लाख रुपये थी।

विशेष तराजू में हुआ था तुलादान

विशेष रूप से तैयार तराजू में इंदिरा गांधी का तुलादान किया गया था। इसमें एक पलड़े पर पूर्व प्रधानमंत्री को बैठाया गया और दूसरे पलड़े पर ग्रामवासियों के द्वारा इंदिरा गांधी के वजन के बराबर चांदी को चढ़ाया गया। एक तरफ इंदिरा गांधी तो दूसरी तरफ उनके ही वजन के बराबर चांदी चढ़ाई जा रही थी। इसके लिए गांव की मातायें-बहनें अपने आभूषण तक लेकर आ गई थी कि अगर पलड़ा कमजोर पड़ता है तो वह अपने आभूषणों को भी दान कर देगी।

गांव में किया था भोजन

अनिल कुमार बाजपेई ने जानकारी बताया कि उनके बुजुर्ग बताते हैं, ग्रामवासियों का स्नेह और प्यार देखकर पूर्व प्रधानमंत्री अभिभूत हो गईं। उन्होंने गांव में ही ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार भोजन खाया। ग्रामवासियों की देशभक्ति की भावना को देखकर वह गदगद हो गई। गांव के पंडित छबिलाल पुरोहित ने अपने 3 साल का वेतन राष्ट्रीय रक्षा कोष में जमा कर दिया था। तब उन्हें 87 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से वेतन मिलता था। यह सब उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के आवाहन पर देश की रक्षा के लिए किया था। पूरे गांव में अपने साथियों के साथ जाकर ग्रामवासियों से धन एकत्रित किया था।

राहुल गांधी ने किया था प्रतिमा का अनावरण

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के तुलादान के बाद गांव में तराजू पर बैठी हुई उनकी मूर्ति बनवाई गई थी। ग्रामीणों ने इंदिरा गांधी की अष्टधातु की मूर्ति बनवाई थी। मूर्ति का अनावरण पिछले लोकसभा चुनाव से पूर्व राहुल गांधी के द्वारा किया गया था और इसी दौरान ग्राम वासियों ने राहुल गांधी को इंदिरा गांधी की अष्टधातु की प्रतिमा भेंट की। राहुल गांधी अपनी यात्रा के दौरान मुढ़ारी गांव से गुजरे थे।

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