आप बाहर जाकर कहेंगे माइक बंद हो गया… राज्यसभा में आज खरगे और उपसभापति हरिवंश में नोकझोंक
संसद के मॉनसून सत्र में केवल हंगामा, शोर, नारेबाजी और नोकझोंक हो रही है। आज राज्यसभा में उपसभापति हरिवंश और सदन में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बीच गरमागरम बहस हुई। विपक्षी सदस्य हंगामा कर रहे थे। वे एलओपी को बोलने की मांग कर रहे थे। उन्हें समझाते हुए उपसभापति ने कहा कि हम माइंस एंड मिनरल्स एमेंडमेंट बिल पर चर्चा कर रहे हैं। अगर माननीय एलओपी इस विषय पर बोलना चाहें तो स्वागत है अन्यथा…। इतने में मल्लिकार्जुन खरगे खड़े हो गए। खरगे ने थैंक्यू सर, आपको धन्यवाद कहा ही था कि उपसभापति हरिवंश ने उन्हें टोकते हुए कहा, ‘सर वो इशू नहीं, चेयरमैन साहब ने मना कर दिया है। वो इशू आप कृपया नहीं उठाएं।’ इस पर खरगे ने कहा कि आप क्यों ऐसा मान रहे हैं कि मैं उसी पर बोलूंगा। यही तो मुश्किल है। हरिवंश ने कहा, ‘आप फिर बाहर कहेंगे कि माइक ऑफ हो गया।’ इस पर खरगे ने कहा कि देश में इतनी गड़बड़ी मची है एक तो मणिपुर दूसरा हरियाणा में भी… इतना सुनते ही सत्तापक्ष के सदस्य शोर मचाने लगे। खरगे ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर कहा लेकिन उपसभापति ने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ भी रेकॉर्ड में नहीं जाएगा। हाउस ऑर्डर में नहीं है।
मॉनसून सत्र शुरू होने के बाद से ही लोकसभा और राज्यसभा में मणिपुर मुद्दे पर गतिरोध बना हुआ है। आज भी दोनों सदनों में विपक्षी दलों के सदस्यों ने नारेबाजी की और कार्यवाही नहीं चलने दी। सुबह लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के करीब 15 मिनट बाद दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर में भी 3 मिनट तक ही सदन चल सका और कार्यवाही 3 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा में विपक्षी सदस्य हाथों में तख्तियां लेकर वेल में नारे लगाते रहे। बताया जा रहा है कि लोकसभा के स्पीकर विपक्षी सदस्यों के रवैये से नाखुश हैं इसलिए आज सदन में नहीं आए। उधर, मणिपुर का दौरा करने वाले 21 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के साथ I.N.D.I.A. फ्लोर लीडर्स ने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग की।
राष्ट्रपति के सामने हरियाणा-मणिपुर का जिक्र
विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस ’ (इंडिया) के घटक दल के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। उन्होंने राष्ट्रपति से मणिपुर मुद्दे पर हस्तक्षेप का आग्रह किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि विपक्षी दलों के नेताओं ने राष्ट्रपति को हरियाणा हिंसा के बारे में भी अवगत कराया। उन्होंने यह भी कहा कि मणिपुर में शांति बहाली के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मणिपुर का दौरा करने के साथ ही जरूरी कदम उठाने चाहिए।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खरगे ने मीडिया से कहा, ‘हम लोकसभा में जब अपनी बात रख-रखकर थक गए थे, तो अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा। इस पर कल ही चर्चा होनी चाहिए थी। सरकार का एक ही मकसद है – जवाब नहीं देना और चीजों से बचना।’ खरगे ने कहा कि विपक्ष राज्यसभा में नियम 267 के तहत चर्चा चाहता है, लेकिन सरकार नहीं सुन रही है। उन्होंने कहा, ‘दिल्ली से सटे राज्य में हिंसा हो रही है, लेकिन कोई संज्ञान नहीं लेता। हमने ये सारी बातें राष्ट्रपति को बताईं।’




