पाकुड़ में सीएम हेमंत बोले- एफसीआई से अनाज नहीं मिला, तो बाजार से खरीद कर गरीबों को वितरित करना पड़ा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि ‘आपकी योजना- आपकी सरकार- आपके द्वार- कार्यक्रम प्रभावी, कारगर और सफल साबित रहा है। यह कितना सफल हो रहा है कि इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि देश के कई राज्य झारखंड के इस मॉडल को अपनाकर गरीबों और जरूरतमंदों को उनके दरवाजे पर सरकार की सेवाओं और योजनाओं का लाभ दे रहे हैं, उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। सीएम हेमन्त सोरेन शनिवार को पाकुड़ में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से एफसीआई से अनाज उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था, लेकिन एफसीआई से अनाज नहीं मिलने पर बाजार से खरीद कर गरीबों के बीज अनाज वितरित करना पड़ा।

गांव- गांव पहुंच रही है सरकार की नजर
मुख्यमंत्री ने कहा- इस अभियान के पिछले दो चरणों में रहय सरकार की आवाज और नज़रें गांव-गांव तक पहुंची हैं, लाखों लोगों को उनका हक-अधिकार मिला। यह कार्यक्रम राज्य वासियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। पिछले दो चरणों में इस अभियान को लोगों का जिस तरह से रिस्पांस और सपोर्ट मिला, उसी के मद्देनज़र पुनः इसका तीसरा चरण शुरू किया गया है।
दो दशकों तक नहीं दिखी थी गंभीरता
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड अलग राज्य गठन के बाद पिछले दो दशकों के दौरान जन समस्याओं और लोगों की परेशानियों को दूर करने की दिशा में किसी तरह की गंभीरता नहीं दिखी। लेकिन, हमारी सरकार लोगों तक मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाने के साथ उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनका हक और अधिकार दे रहे हैं।
जन आकांक्षाओं और उम्मीदों के अनुरूप बन रही योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार जन उम्मीदों और आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य योजना बनाकर उसे धरातल पर उतार रही है। आदिवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, किसान, मजदूर, विद्यार्थी, युवा, महिला, बुजुर्ग, हर वर्ग के कल्याणार्थ योजनाएं बनाई गई हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि वे इन योजनाओं से जुड़े और सशक्त तथा स्वावलंबी बनने की राह पर आगे बढ़ें।



