‘केवल गुजराती ही ठग हो सकते हैं’, तेजस्वी यादव को अहमदाबाद कोर्ट ने 13 अक्टूबर को बुलाया
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को आपराधिक मानहानि मामले में दूसरी बार ‘समन’ जारी किया गया है। अहमदाबाद की एक मेट्रोपोलिटन अदालत ने दूसरा समन तब जारी किया, जब उसे पता चला कि पहले जारी किया गया समन भ्रम के चलते तामील नहीं हो सका। नए समन के मुताबिक तेजस्वी को 13 अक्टूबर को अदालत के समक्ष पेश होना है। अतिरिक्त मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट डीजे परमार की अदालत ने तेजस्वी की एक टिप्पणी को लेकर 28 अगस्त को उन्हें (पहला) समन जारी किया था।
तेजस्वी को दूसरी बार समन
तेजस्वी ने कथित तौर पर कहा था कि केवल गुजराती ही ठग हो सकते हैं। अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता को भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत दर्ज मामले में 22 सितंबर को उसके समक्ष पेश होने के लिए समन जारी किया था। अदालत ने शुक्रवार को जब मामले की सुनवाई शुरू की, तब ये खुलासा हुआ कि समन अब तक अदालत में ही पड़ा हुआ है और ये तेजस्वी के पास नहीं पहुंचाया गया।
भ्रम की वजह से नहीं पहुंचा समन
शिकायतकर्ता हरेश मेहता (69) इस भ्रम में रह गए कि अदालत पुलिस या अपने तंत्र के माध्यम से समन राजद नेता को पहुंचाएगी, जबकि अदालत को ऐसा लगा कि हरेश मेहता के वकील ने इसे (अदालत से) प्राप्त कर तेजस्वी को पहुंचा दिया। इस भ्रम को दूर करने के लिए, मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट डीजे परमार ने शुक्रवार को कहा कि समन तामील कराना हरेश मेहता का काम था क्योंकि वो शिकायतकर्ता हैं। इसके बाद, मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट डीजे परमार ने दूसरा समन जारी किया। साथ ही हरेश मेहता से इसे तेजस्वी यादव तक भिजवाने के लिए आवश्यक प्रबंध करने को कहा।




