हैदराबाद, तेलंगाना: हैदराबाद में मानव तस्करी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जब एक सरोगेसी के माध्यम से पैदा हुए बच्चे का डीएनए अपने कथित पिता से मेल नहीं खाया। इस चौंकाने वाले खुलासे ने एक बड़े धोखाधड़ी और तस्करी के नेटवर्क को उजागर किया है, जिसमें अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मामला तब सामने आया जब राजस्थान के एक जोड़े ने हैदराबाद स्थित एक आईवीएफ सेंटर के माध्यम से सरोगेसी करवाई। जोड़े को यह आश्वासन दिया गया था कि नवजात शिशु में पिता का डीएनए होगा, लेकिन जब बच्चे का डीएनए परीक्षण कराया गया, तो वह कथित पिता के डीएनए से मेल नहीं खाया, जिससे लाल झंडे उठे। इस विसंगति ने दंपति को संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद यह बड़ा खुलासा हुआ।
पुलिस की जांच से पता चला कि यह सिर्फ डीएनए मिसमैच का मामला नहीं था, बल्कि एक संगठित मानव तस्करी रैकेट था जो पैसों के लिए बच्चों की अदला-बदली कर रहा था या उन्हें बेच रहा था। पुलिस ने इस मामले में आईवीएफ सेंटर के कर्मचारियों सहित 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह घटना सरोगेसी से जुड़े नियमों की कमी और अवैध गतिविधियों के प्रति बढ़ती चिंता को दर्शाती है, और ऐसी प्रथाओं पर सख्त निगरानी की आवश्यकता पर जोर देती है।



