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‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा के लिए कोर्ट का आदेश.
‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के निर्माताओं ने अपने बौद्धिक संपदा अधिकारों के अवैध उल्लंघन के खिलाफ एक मामला दायर किया था।
उन्होंने कहा कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, यूट्यूब चैनल और वेबसाइट्स उनकी सामग्री का शोषण कर रहे हैं।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने शो के निर्माता नीला फिल्म प्रोडक्शंस की याचिका पर सुनवाई करते हुए एक अंतरिम आदेश जारी किया है। इस आदेश में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, यूट्यूब चैनल और वेबसाइट्स को शो की सामग्री का उपयोग करने से रोक दिया गया है।
कोर्ट ने कहा है कि शो का शीर्षक, प्रारूप, पात्र, पात्रों के लक्षण, व्यवहार, संवाद और अन्य अनूठी सामग्री बौद्धिक संपदा का हिस्सा हैं और उनकी सुरक्षा की जरूरत है।
निर्माताओं का कहना है कि उनके शो के पात्रों का इस्तेमाल कर कई लोग अवैध रूप से पैसा कमा रहे हैं और इससे शो की छवि को नुकसान पहुंच रहा है।


