रांची में शिवसेना के झारखंड प्रमुख सहित तीन को गोली मारी, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
रांची के इटकी थाना क्षेत्र अंतर्गत गड़गांव बस्ती में बेलगाम अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग की। गोलियों की तड़तड़हाट से गड़गांव बस्ती कांप उठी। अपराधियों ने शिवसेना के राज्य प्रमुख दीपक सिंह और उनके सहयोगी राम प्रसाद सिंह उर्फ भोमा और नरेश महतो को गोली मार दी। बताया गया है कि दो केटीएम बाइक से आए छह अपराधियों ने उनसभी पर छह राउंड से अधिक फायरिंग की। इसमें दीपक सिंह के जांच में, भोमा सिंह को बायें पैर और पीठ में और नरेश महतो को कनपट्टी में गोली लगी है। दीपक और भोमा गड़गांव के रहने वाले है, बकि नरेश भंडरा इटकी के निवासी हैं। तीनों जमीन कारोबार से जुड़े है और ऐसी संभावना जताई जा रही है कि जमीन कारोबार में आपसी विवाद के कारण ही इस घटना को अंजाम दिया गया है। इस घटना को उस वक्त अंजाम दिया गया, जब रांची पुलिस दुर्गा पूजा में विधि व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बलों की तैनाती का दावा कर रही थी।

भाग रहे अपराधियों का काफी दूर तक पीछा
फायरिंग के बाद स्थानीय लोगों ने अपराधियों को दौड़ाया, लेकिन वे हथियार लहराते हुए भागने में सफल रहे। मौके पर पहुंची पुलिस ने भी उस दिशा में काफी दूर तक छानबीन की, लेकिन अपराधियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया। इसके बाद लोगों ने तीनों को पंडरा स्थित जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सभी हमलावर अत्याधुनिक हथियारों से लैस थे। घटना के समय तीनों आपस में बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान अचानक हमला हुआ।
गोलीबारी के बाद मची भगदड़
अज्ञात हथियारबंद अपराधिायों ने अचानक गोलीबारी से लोगों में भगदड़ मच गई। लोग जान बचा कर इधर-उधर भागने लगे। भागने के दौरान लोगों की चप्पल भी घटनास्थल पर छूट गई। वहीं गोली की तड़तड़हाट सुनकर दुकानदारों ने अपनी दुकान बंद कर दी।
पुरानी अदावत का परिणाम!
पुलिस प्रारंभिक छानबीन में इस घटना को पुरानी अदावत का परिणाम मान रही है। हालांकि यह भी संभव है कि घटना को अंजाम देने में किसी संगठन के लोग शामिल हो। लेकिन अभी तक किसी संगठन ने घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस की ओर से दावा किया गया है, जल्द ही मामले का पूरी तरह से खुलासा कर लिया जाएगा।



