‘हमने छत्तीसगढ़ी अस्मिता को जगाया, बीजेपी ने…’, सीएम कैसे करेंगे राष्ट्रवाद-हिंदुत्व को काउंटर
कुछ ही महीने बाद छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव (Chhattisgarh Chunav 2023) होने हैं। प्रदेश की कांग्रेस सरकार बीजेपी के निशाने पर तो है ही, उस पर तरह-तरह के घोटालों के आरोप भी लग रहे हैं। कांग्रेस पार्टी में अंदरूनी मतभेद पाटने की कोशिश जरूर हुई है, लेकिन मेल-मिलाप की यह कोशिश कितनी कामयाब होगी, इसे लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसे में चुनावी तैयारियों से जुड़े अहम पहलुओं पर छत्तीसगढ़ के सीएम और सीनियर कांग्रेस नेता भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) से बात की नरेन्द्र नाथ ने। पेश हैं बातचीत के महत्वपूर्ण अंश :
– कुछ महीनों में छत्तीसगढ़ में चुनाव होंगे। आप अपने काम को किस तरह आंकते हैं?
पहली बात है कि जितने बड़े वादे थे, वे सभी हमने पूरे किए। छत्तीसगढ़ की जनता की आर्थिक उन्नति हुई। युवा, किसान, महिला, मजदूर, व्यवसायी- सबके लिए काम किया। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी देख सकते हैं। पहले राज्य में उल्टी-दस्त से मौत हो जाती थी। अब मलेरिया से भी मौत नहीं हो रही है। शिक्षा में पहले सिर्फ प्राइवेट स्कूलों में अंग्रेजी पढ़ाई होती थी। अब हर विधानसभा क्षेत्र में सरकारी ग्रामीण स्कूलों में अंग्रेजी मीडियम स्कूल खोला जा रहा है। कई मेडिकल कॉलेज खोले। हर विधानसभा में सड़कें बनीं। रोजगार पैदा किया। हर पैमाने पर काम हुआ। छत्तीसगढ़ अस्मिता को हमने जगाया।
कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ मॉडल को खूब प्रचारित किया। कहा जा रहा है कि इसकी कुछ योजनाओं को 2024 आम चुनाव के अपने घोषणापत्र में जोड़ सकती है। ऐसे में चुनाव परिणामों को लेकर कितना दबाव है?
कांग्रेस हमेशा आम लोगों को मजबूत करती है, अधिकार देती है। UPA में राइट टु फूड, राइट टु एजुकेशन, राइट टु इन्फॉरमेशन सभी अधिकार दिए। राहुल गांधी ने न्याय की बात की तो हमने राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन योजना आदि लागू की। छत्तीसगढ़ मॉडल कांग्रेस का विजन है। उसकी जीत होगी।
– लेकिन कहा गया कि आप सॉफ्ट हिंदुत्व की लाइन अपना रहे हैं…?
पहले गाय के नाम पर मॉब लिंचिंग हो रही थी। उसका हमने गोधन योजना के नाम से जवाब दिया। लोग गोबर खरीद रहे हैं। मामला खत्म हो गया। लोग शांति से जी रहे हैं। वे गाय की बात करते थे, हमने गाय का सम्मान किया और उसे अर्थ से जोड़ा। बीजेपी की भावनात्मक शोषण या नफरत की राजनीति समाप्त हो गई। छत्तीसगढ़ की संस्कृति में राम बसे हैं। हम बीजेपी की तरह धर्म का इस्तेमाल वोटों के लिए नहीं करते। हमारी योजनाएं जैसे राम वन गमन पथ, कृष्ण कुंज और श्री बजरंगबली अखाड़ा, सभी हमारी संस्कृति से जुड़ी हुई हैं।
फिर भी बीजेपी के राष्ट्रवाद और हिंदुत्व को काउंटर कैसे करेंगे?
वे राष्ट्रवाद की बात करते हैं, धर्म की बात करते हैं। लेकिन उनमें नफरत है। उत्तर प्रदेश में जब लखीमपुर में घटना हुई तो सिखों के खिलाफ बोले। कभी ईसाई तो कभी मुस्लिम के खिलाफ बोलते हैं। बांटने की बात करते हैं। अब लोग समझ गए हैं। बहुसंख्यक भी समझ गए हैं कि उन्हें वोट देने से क्या मिलता है? महंगाई, बेरोजगारी ही सबके हिस्से आ रही है।
– छत्तीसगढ़ चुनाव किन मुद्दों पर होगा?
हमने छत्तीसगढ़ संस्कृति का मामला सामने रखा। हमने छत्तीसगढ़ का हर त्योहार सीएम आवास में मनाया। हम राज्य के मुद्दे पर जनता के बीच जाएंगे। राज्य के मुद्दे पर ही राज्य का चनाव होगा।
तब सवाल यह भी उठेगा कि 2018 में जो आपने वादे किए थे, वे कितने पूरे किए गए?
हमने जो वादे किए, उससे अधिक दिया। हमने 19 लाख किसानों का कर्ज माफ कर उन्हें राहत दी। हमने किसानों से 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा। हम रिवर्स-माइग्रेशन में सक्षम हैं। जो लोग खेती छोड़ चुके थे वे अब खेती की ओर लौट रहे हैं। सभी योजनाओं को लागू किया। चुनावों में इसका असर दिखेगा।



