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एक राष्ट्र, एक चुनाव पर संसदीय पैनल की पहली बैठक 8 जनवरी को.
देश में एक साथ सभी चुनाव कराने के विचार पर काम कर रही संसदीय समिति की पहली बैठक 8 जनवरी को होने वाली है।
इस समिति का गठन हाल ही में किया गया है और इसका उद्देश्य ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के मॉडल को लागू करने की संभावनाओं का गहन अध्ययन करना है।
यह बैठक इस मसले पर देशभर में हो रही बहस के बीच हो रही है। सरकार का मानना है कि एक साथ चुनाव कराने से प्रशासनिक बोझ कम होगा और लोकतंत्र को मजबूत किया जा सकेगा। वहीं, विपक्ष इस मसले पर सतर्क है और सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने का आरोप लगा रहा है।
संसदीय समिति इस बैठक में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के फायदे और नुकसान दोनों पर विस्तार से चर्चा करेगी। इसके साथ ही यह भी तय किया जाएगा कि इस मॉडल को लागू करने के लिए क्या-क्या बदलाव करने होंगे।


