इस एनजीओ ने अब तक 6,000 से अधिक लोगों को उनके अपनों से मिलाया है।
यह एनजीओ सिर्फ गुमशुदा लोगों को खोजने का काम ही नहीं करता, बल्कि यह स्लम इलाकों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा भी देता है और एक वृद्धाश्रम भी चलाता है जहां बुजुर्गों की मुफ्त में देखभाल की जाती है।
एनजीओ की अध्यक्ष अनीता मलिक ने बताया कि इस संस्था की शुरुआत एएसआई कृष्ण लाल ने की थी, जो खुद हरियाणा पुलिस में तैनात हैं। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य समाज सेवा करना है। इस काम में तेजी लाने के लिए हमने ‘मिसिंग पर्सन हेल्पलाइन’ नाम से एक ऐप भी बनाया है।
अनीता मलिक ने बताया कि सरकार की ओर से हमें कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। जो भी खर्चा है, हमारी संस्था के सदस्यों से मिलता है।
यह एनजीओ एक मिसाल है कि कैसे एक छोटी सी पहल बड़े बदलाव ला सकती है।
मुख्य बिंदु:
- फरीदाबाद का एनजीओ 6,000 से अधिक गुमशुदा लोगों को मिला चुका है
- एनजीओ स्लम बच्चों को मुफ्त शिक्षा भी देता है
- एनजीओ एक वृद्धाश्रम भी चलाता है
- एनजीओ को सरकार से कोई मदद नहीं मिलती


