बढ़ते दबाव और छात्रों के विरोध के बाद पुलिस ने इस मामले में पांच और लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक एसयूवी चालक भी शामिल है, जिस पर आरोप है कि उसकी कार के पानी में जाने से कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर गया था।
इसके साथ ही, दिल्ली नगर निगम ने भी क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। कई जगहों पर बुलडोजर चलाकर स्टॉर्म ड्रेन को ढकने वाली अवैध संरचनाओं को हटाया गया है। बता दें कि इस इलाके में जलभराव की मुख्य वजह इन अवैध निर्माणों को बताया जा रहा है।
इस हादसे के बाद राजनीतिक दलों के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।


