लोकसभा में चूक के बाद झारखंड विधानसभा की बढ़ाई गई सुरक्षा, शीतकालीन सत्र के हंगामेदार होने की संभावना
झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर से शुरू हो रहा है। बैठक को लेकर विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इससे पहले शीतकालीन सत्र के सुचारू संचालन को लेकर स्पीकर ने दलीय नेताओं के साथ बैठक की। बाद में पत्रकारों से बातचीत में रबीन्द्र नाथ महतो ने कहा कि सत्र के दौरान दर्शक दीर्घा में प्रवेश को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा के अंदर अनावश्यक और अपरिचित व्यक्तियों के आने पर रोक रहेगी। स्पीकर ने कहा कि जिन व्यक्तियों को विधानसभा के अंदर आने की अनुमति दी जाएगी उनका पूरा परिचय लिया जाएगा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति से पूछताछ संभव हो सके।
बीजेपी ने हेमंत सरकार को घेरने की बनाई रणनीति
शीतकालीन सत्र में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के ठिकानों से साढ़े तीन सौ करोड़ से ज्यादा की रकम और जेवरात की बरामदगी का मामला छाये रहने की संभावना है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के साथ राज्य की गठबंधन सरकार की घेराबंदी की रणनीति तैयार की है। वहीं ईडी के छह समन के बाद भी हेमंत सोरेन के हाजिर नहीं होने राज्य में नियुक्ति परीक्षाओं को बार-बार टाले जाने और बेरोजगारी भत्ता से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश विपक्ष की ओर से होगी।
पांचवीं विधानसभा में पहली बार सदन में नेता प्रतिपक्ष की मौजूदगी
झारखंड की इस पांचवीं विधानसभा में पहली बार सदन में नेता प्रतिपक्ष होगा। स्पीकर ने झारखंड प्रदेश भाजपा विधायक दल के नए नेता अमर बाउरी को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता दे दी है। इसके पहले 2019 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा ने बाबूलाल मरांडी को पार्टी विधायक दल का नेता चुना था, लेकिन स्पीकर ने उनके खिलाफ दलबदल का मामला दर्ज होने के कारण उन्हें नेता प्रतिपक्ष के तौर पर मान्यता नहीं दी थी।



